नईदिल्ली, 26 नवम्बर [एजेंसी]।
दिल्ली कूच कर रहे किसानों का प्रदर्शन अंबाला-पटियाला बॉर्डर पर आक्रामक हो गया है. यहां किसानों ने बैरिकेडिंग को उखाड़ फेंका है, जिसके बाद किसानों पर पानी की बौछार की जा रही है, आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं. किसानों के प्रदर्शन के कारण मेट्रो को भी बंद रखा गया है. किसानों के प्रदर्शन पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर लिखा कि किसानों से समर्थन मूल्य छीनने वाले कानून के विरोध में किसान की आवाज सुनने की बजाय भाजपा सरकार उन पर भारी ठंड में पानी की बौछार मारती है. किसानों से सबकुछ छीना जा रहा है और पूंजीपतियों को थाल में सजा कर बैंक, कर्जमाफी, एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन बांटे जा रहे हैं.
अंबाला पटियाला बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने कुछ ट्रकों को खड़ा किया है, ताकि किसान आगे ना आ सके. लेकिन अब किसानों ने उसी ट्रक को तोडऩा शुरू कर दिया और धक्का देकर आगे किया जा रहा है. जिसके बाद पुलिस ने फिर आंसू गैस के गोले छोड़े हैं और पानी की बौछार की जा रही है. किसानों की ओर से पुलिस पर पथराव किया गया है. अंबाला पटियाला बॉर्डर पर किसानों और पुलिस में टकराव जारी है. किसानों ने जबरन हरियाणा सीमा में प्रवेश कर लिया है, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. किसान अब अपने ट्रैक्टर पर चढक़र जबरन आगे बढऩे की कोशिश कर रहे हैं और लगातार नारेबाजी कर रहे हैं. पटियाला-अंबाला हाइवे पर किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया जा रहा है, साथ ही किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं. यहां किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और अब किसानों ने बैरिकेडिंग को ही नदी में फेंक दिया है. बिगड़ती हुई स्थिति के बीच क्र्रस्न को बुलाया गया और अब एक्शन लिया जा रहा है. किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस मुस्तैद है. दिल्ली से जम्मू जाने वाले हाइवे को करनाल के पास बंद किया गया है, जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है. किसानों के प्रदर्शन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है. केंद्र सरकार के तीनों खेती बिल किसान विरोधी हैं. ये बिल वापिस लेने की बजाय किसानों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है, उन पर वॉटर कैनन चलाई जा रही हैं. किसानों पर ये जुर्म बिलकुल गलत है, शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है. दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर भारी सुरक्षाबल तैनात है, यहां पर ड्रोन कैमरे से भी प्रदर्शन पर नजर रखी जा रही है. किसानों ने अपने प्रदर्शन में नारा दिया है, ‘घेरा डालो, डेरा डालो’. दिल्ली के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी किसानों को समर्थन मिल रहा है.
कोच्चि में प्रभावित हुईं बस सेवाएं जादवपुर में रेलवे ट्रैक को ब्लॉक किया गया
नई दिल्ली मोदी सरकार की विभिन्न नीतियों के विरोध में 10 केंद्रीय यूनियनों द्वारा संयुक्त रूप से बुलाए गए देशव्यापी हड़ताल भारत बंद में 25 करोड़ मजदूर भाग ले रहे हैं। इस हड़ताल में कई परिवहन यूनियन और बैंक यूनियन भाग ले रहे हैं। इस कारण देशभर में यात्रियों और बैंक ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाम दलों के प्रभाव वाले केरल व बंगाल में ज्यादा असर देखने का मिल रहा है। दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवाओं के रखरखाव अधिनियम को लागू कर दिया है, इसके तहत सभी विभागों और निगमों में हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। केरल के कोच्चि में ट्रेड यूनियन केंद्र सरकार के नए श्रम और कृषि कानूनों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल कर रहे हैं। इस कारण बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में ओडिशा निर्वाण श्रमिक महासंघ के सदस्य, अखिल भारतीय केंद्रीय व्यापार संघ और सभी उड़ीसा पेट्रोल और डीजल पंप वर्कर्स यूनियन प्रदर्शन कर रहे हैं। ट्रेड यूनियनों द्वारा श्रम कानूनों के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। पश्चिम बंगाल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, सीपीआई (एम) और कांग्रेस ने जादवपुर में रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया है। सरकार के नए श्रम कानूनों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।