छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 3 दिनों में 7 नवजातों की मौत से हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक टीएस सिंहदेव दिल्ली का दौरा अधूरा छोड़कर अंबिकापुर वापस लौट रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रभारी मंत्री शिव डहरिया को अंबिकापुर भेजा है। यहां शनिवार को 5 नवजातों की मौत हुई थी और आज 2 नवजातों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने बिलासपुर और रायपुर से स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमों को अंबिकापुर पहुंचने का निर्देश दिया है। सिंहदेव वहां मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों, स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम और स्थानीय अधिकारियों से इस संबंध में बात करेंगे। इस दौरान मौत के कारणों की भी जांच होगी।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार सुबह 5 नवजातों की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। इन बच्चों को स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट में भर्ती कराया था। अस्पताल प्रबंधन ने किसी तरह की लापरवाही से इनकार किया है।

SNCU की प्रभारी डॉ. सुमन सुधा तिर्की ने बताया, शनिवार को SNCU 5 नवजातों की मौत हुई थी। सभी प्री मैच्योर थे यानी गर्भ का समय पूरा होने से पहले उनका जन्म हुआ था। इसकी वजह से उनके अंग पूर्ण विकसित नहीं थे। 5 में से 2 नवजातों का वजन एक किलो से भी कम था। बाकी तीन भी दो किलो से कम वजन वाले ही थे। इनमें से चार को दूसरे अस्पतालों से रेफर कर यहां भेजा गया था। उनकी स्थिति पहले से ही काफी खराब थी। उन्होंने बताया, 17 अक्टूबर को भी सामान्य वार्ड में दो नवजातों की मौत अलग-अलग वजहों से हुई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी इस मामले में सक्रिय हो गए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभारी मंत्री शिवकुमार डहरिया अंबिकापुर रवाना हो गए हैं। प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर, मुख्य स्वास्थ्य और चिकित्सा अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक की आपात बैठक बुलाई है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव शनिवार रात दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। 18 अक्टूबर की शाम को उनका वहां से लौटने का कार्यक्रम था। इस दौरान उन्हें कई विभागीय और राजनीतिक काम निपटाने थे। अंबिकापुर में नवजात की मौत की जानकारी के बाद उन्होंने कार्यक्रम बदल दिया है।

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