रायपुर। बीमार कैदी का उपचार कराने आए जेल प्रहरी के टेक्नीशियर को थप्पड़ मारने की घटना से आक्रोशित अस्पताल के कर्मचारियों ने काम बंद कर डीन कार्यालय के सामने कार्रवाई की मांग को लेकर डट गए. पुलिस के मामले में कार्रवाई के जेल प्रहरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और अस्पताल में चार अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती के आश्वासन पर कर्मचारी शांत हुए.
दंतेवाड़ा जेल के प्रहरी के अंबेडकर अस्पताल में टेक्नीशियन को थप्पड़ मारने का मुद्दा काफी बड़ा हो गया. अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी एकजुट होकर कार्रवाई करने पर अड़ गए. घटना के बाद मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. विष्णुदत्त के साथ एडिशनल एसपी लखन पटले की बैठक हुई.
एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि मेकाहारा में दंतेवाड़ा जेल से किसी आरोपी को जेल प्रहरी के द्वारा लाया गया था. जेल प्रहरी ने वहां काम कर रहे डॉक्टरों से बदतमीजी कर मारपीट की गई है. इसमें आईपीसी की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया जा रहा है. इन्होंने सुरक्षा की मांग की है कि बल बढ़ाया जाए तो हम 4 जवान तत्काल बढ़ा रहे हैं.
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ विष्णुदत्त ने बताया कि डॉक्टरों के साथ इस तरह मारपीट होगी तो परेशानी आ जायेगी. काम करने में दिक्कत आएगी. यहां पर जो दो पुलिसवाले पोस्टेड है, जो बचाव नही कर पाए, उनको भी हटाने की बात की गई है.
वहीं डॉ अमन अग्रवाल ने बताया कि मैं अस्पताल में सिटी स्कैन के कांउटर पर अपनी ड्यूटी कर रहा था. इसी दौरान जेल प्रहरी आया और शुरू से ही बदतमीजी करने लगा. उसने मुझसे पूछा कि काम कब होगा. वह बोलने लगा कि मेरा काम करके दो नहीं तो मैं पहले एक बार प्यार से बात करता हूं फिर मार से बात करता हूं. उसके बाद मैंने कुछ नहीं बोला. एचओडी से भी वह बदतमीजी करने लगा. हमारी मांग है कि उस पर एफआईआर दर्ज हो|