
चंडीगढ़। हरियाणा के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच गठबंधन नहीं हो सका। सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बनने पर आम आदमी पार्टी ने सोमवार को 20 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। पहली सूची में आप के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता का नाम शामिल नहीं है, जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा कैथल जिले की कलायत विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। इस सूची में भाजपा अथवा कांग्रेस के किसी असंतुष्ट नेता का भी नाम नहीं है। सूची जारी करते हुए आप के प्रदेशाध्यक्ष व अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि वे कांग्रेस के फैसले का ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते थे।
राहुल के चाहने के बावजूद हो सका गठबंधन
बता दें कि गठबंधन की गांठ तब नहीं बंध सकी जबकि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन चाहते थे। लेकिन प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले दिन से इस गठबंधन के विरुद्ध थे। इस तरह, राहुल गांधी की इच्छा अधूरी रह गई और गठबंधन पर हुड्डा की ही चली।
पार्टी सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर देगी
आप प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने सुबह ही कह दिया था कि यदि समय रहते कांग्रेस ने गठबंधन पर स्थिति साफ नहीं की तो उनकी पार्टी सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार तय कर देगी। इस बीच हरियाणा कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया व आप के राघव चड्ढा के बीच कई दौर वार्ता हुई। चड्ढा ने सकारात्मक माहौल की बात भी कही।
राहुल इसलिए चाहते थे आप-सपा से गठजोड़
राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों ही आइएनडीआईए गठबंधन का हिस्सा हैं। लोकसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा इन राजनीतिक दलों की मजबूरी था। लेकिन राहुल गांधी हरियाणा के विधानसभा चुनाव में भी आम आदमी पार्टी व समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर इस राजनीतिक प्रेम-प्यार को आगे भी बनाए रखना चाहते थे। समाजवादी पार्टी हरियाणा में कांग्रेस से जुलाना, सोहना, हथीन और दादरी समेत मुस्लिम व यादव बाहुल्य आधा दर्जन विधानसभा सीटें मांग रही थी। कांग्रेस चूंकि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से कुछ सीटें मांग रही है, इसलिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी हरियाणा में सीटों के लिए दबाव बना रहे थे, जो कि काम नहीं आया। आप के साथ गठबंधन सिरे नहीं चढ़ने की वजह से समाजवादी पार्टी के साथ भी सभी संभावनाएं क्षीण हो गई।























