सक्ति। फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने एक 5 वर्ष की बालिका के दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त के विरुद्ध आरोपित अपराध प्रमाणित पाए जाने पर 19 वर्षीय आरोपी को 20 वर्ष की कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय पारित किया है।
विशेष लोक अभियोजक राकेश महंत के अनुसार यह झकझोर देने वाली घटना जांजगीर-चांपा जिले के हसौद थाना क्षेत्र की है। दिनांक 6 अगस्त 2021 को 5 वर्ष 9 माह की बालिका अपने मां से 20 लेकर शाम 4 से 5 के बीच अपने पड़ोस के दुकानदार के पास खाई चुरमुर लेने गई तो दुकान में 19 वर्षीय अभियुक्त मौजूद था जो सुने पन का फायदा उठाते हुए अबोध बालिका को यह कह कर कि दुकान के ऊपर कमरे में चलो वहीं चॉकलेट खाई खजाना दूंगा बोलकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया एवं अप्राकृतिक कृत्य किया बच्ची ने दर्द के कारण रोना एवं चिल्लाना शुरू शुरू किया तो अभियुक्त ने पीडि़त बालिका को डरा धमका कर घटना को अपने मम्मी पापा को नहीं बताने की धमकी देकर बोला कि यदि घटना को बताओगे तो तुम्हें मार कर फेंक दूंगा और उसे घर जाने दिया ।बालिका डरा सहमा हुआ रोते हुए अपना घर आई और अपने मम्मी को घटना के बारे में बताइ। तत्पश्चात अन्य परिजन को बताइ ।पीडि़ता के मम्मी ने घटना को खेत में काम कर रहे उसके पति एवं साथ ससुर को फोन के माध्यम से बताया तब सभी लोग खेत से घर आए तथा पीडि़ता से पूछताछ की और उसके पश्चात थाना हसौद जाकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराएं ।थाना द्वारा इस झकझोर देने वाले प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्त ईश्वर साहू पिता लक्ष्मी साहू उम्र 19 वर्ष निवासी हरेथी खुर्द थाना हसौद के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 376 कख एवं 377 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4एवं 6 पोक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अभियुक्त को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज कर विवेचना किया गया एवं 14 दिन के भीतर विवेचना पूर्ण कर अभियुक्त के खिलाफ अभियोग पत्र फास्ट ट्रेक कोर्ट /विशेष न्यायालय (पॉक्सो )कोर्ट शक्ति में 19 अगस्त 2021 को पेश किया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट शक्ति के विशेष न्यायाधीश यशवंत सारथी ने प्रतिदिन सुनवाई कर 20 दिन के भीतर मामले में त्वरित निर्णय घोषित किया। अभियोजन पक्ष के द्वारा अपने सभी महत्वपूर्ण साथियों को न्यायालय में पेश किया गया ।बचाव पक्ष की ओर से भी साक्ष्य पेश किया गया तथा उभय पक्ष के अंतिम तर्क श्रवण किया गया। सभी पक्षों को पर्याप्त समय देने के पश्चात मामले में निर्णय घोषित किया गया। अभियोजन द्वारा आरोपित अपराध प्रमाणित किए जाने पर तथा अभियुक्त के खिलाफ आरोपित अपराध न्यायालय द्वारा सिद्ध दोस पाए जाने पर अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 क ख के लिए 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 के अर्थदंड, भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के अपराध के लिए 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1000 की जुर्माना ,लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4 दो के लिए 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 का अर्थदंड ,तथा पास्को एक्ट की धारा 5 ड के उल्लंघन में इसी अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। सभी अर्थदंड की अदायगी नहीं करने पर क्रमश: 6 माह, 3 माह ,6 माह, 6माह का कठोर कारावास अतिरिक्त भुगताने का आदेश पारित किया गया है ।अभियोजन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक राकेश महंत ने किया।