
जांजगीर-चांपा। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के बाद अब नपा उपाध्यक्ष को हटाने के लिए कांग्रेसी पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। इसके लिए नगरपालिका अध्यक्ष सहित पार्षदों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर को अविश्वास प्रस्ताव का ज्ञापन सौंपा। प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद भाजपा पक्ष के पार्षदों द्वारा नपा में अध्यक्ष को लेकर लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के दूसरे दिन सभी कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर कलेक्टोरेट कार्यालय पहुंची और भाजपा द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का करारा जवाब देने की पूरी तैयारी में नजर आए। अध्यक्ष के नेतृत्व में 14 कांग्रेसी पार्षदों ने नपा उपाध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का सूचना कलेक्टर को सौंपा। इधर इसी के साथ अब दोनों के बीच आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। मीडिया से चर्चा के दौरान बीजेपी के पार्षद सहित उपाध्यक्ष ने अध्यक्ष भगवान दास पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं कांग्रेसियों ने नपा उपाध्यक्ष के खिलाफ आरोप लगाते हुए कहा कि उपाध्यक्ष बैठक में रोड़ा अटकाने का काम करते हैं। अवैध प्लाटिंग के सरगना है। तालाब के किनारे कई अवैध कब्जा कर रखे हैं। अपने मां के नाम में अवैध पीएम आवास भी बनवाया है। अब दोनों के बीच की लड़ाई यहीं थमते नहीं दिख रही है। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के बीच अब यह लड़ाई आगे और बढ़ सकती है। दोनों पार्टी के पार्षद एक दूसरे के खिलाफ अब खुलकर आरोप प्रत्यारोप करने में लगे हैं। इधर इस मामले में नगरपालिका उपाध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी ने कहा कि नगरपालिका जांजगीर-नैला में अभी तक सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार अगर हुआ है तो अध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल के कार्यकाल में हुआ है। हर एक काम में यहां भ्रष्टाचार होते दिख रहा है। इधर उपाध्यक्ष को हटाने के लिए कांग्रेसी पार्षदों के पास पर्याप्त संख्या बल है। इसके चलते उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास मत जीतने की बात कर रहे हैं। अब दोनों पार्टी के पार्षदों ने कलेक्टर को आवेदन दिया है। समय देखकर अब जिला प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई करेगी। अब आगे देखना होगा कि अध्यक्ष भगवान दास गढ़वाल की कुर्सी बचा पाएंगे या फिर नपा उपाध्यक्ष आशुतोष गोस्वामी अपनी कुर्सी बचा पाएंगे।

























