कोरबा। कोरोना टेस्ट के लिए के लिए अब न तो सैम्पल को रायपुर भेजना पड़ेगा और न ही रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से जिला अस्पताल के लैब में ट्रू-नेट मशीन से कोरोना जांच शुरू कर दी गई है। पहले ट्रू-नेट मशीन से क्वारंटाइन सेंटर से लिए गए सैम्पल की जांच कर रिपोर्ट रायपुर भेजा गया था। जहां से जांच रिपोर्ट प्रमाणित होने के बाद जिला अस्पताल के लैब में ट्रू-नेट मशीन से कोरोना जांच की अनुमति मिल गई। जिला अस्पताल से ट्रू-नेट मशीन से जांच के प्रशिक्षिण के लिए लैब पैथोलॉजिस्ट डॉ. पुष्कर चौधरी को रायपुर भेजा गया था। जिन्होंने वहां से आकर अन्य मेडिकल स्टॉफ को प्रशिक्षित किया। इसके बाद अब लैब पैथोलॉजिस्ट डॉ. पुष्कर चौधरी के साथ उनकी टीम कोरोना जांच में जुट गई है। इधर कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ते देखते हुए कलेक्टर किरण कौशल ने स्वास्थ्य विभाग को जांच तेज करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने दिनवार योजना तय की है। जिसके तहत अब हर दिन जिले में सभी विकासखंड को मिलाकर कोरोना जांच के लिए साढ़े तीन सौ लोगों का सैम्पल लिया जाएगा।
हर दिन 30 सैम्पल का रिपोर्ट होगा जारी
जिला अस्पताल के लैब में ट्रू-नाट मशीन से अधिक से अधिक सैम्पल की जांच कर रिपोर्ट जारी करने की तैयारी है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) के मापदंड के अनुसार टेस्ट होगा। प्राथमिकता के आधार पर क्वारंटाइन सेंटर से आने वाले सैंपल की ही जांच होगी। ट्रू-नेट कोरोना टेस्ट लैब, जिला अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. पुष्कर चौधरी जिला चिकित्सालय में ट्रू-नेट मशीन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही कोरोना का टेस्ट शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में सैंपल जांच में तेजी आएगी
इस तरह होगी कोरोना की जांच
जिले के पांचों विकासखंड में हर दिन आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए 30-30, ट्रू-नाट टेस्ट के लिए 8-8 और रैपिड एंटीजन टेस्ट के लिए 15-15 लोगों के सैम्पल लिए जाएंगे। जिला अस्पताल में हर दिन 20-20 आरटीपीसीआर व 10-10 ट्रू-नाट और 15-15 लोगों का टेस्ट के लिए सैम्पल लिया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में हर दिन 30-30, ट्रू-नाट के लिए 10-10 और एंटीजन टेस्ट के लिए 10-10 लोगों का सैम्पल लिया जाएगा।
3 विधि से साढ़े 3 सौ सैम्पल की होगी जांच
सीएमएचओ डॉ. बीबी बोर्डे ने बताया कि हर दिन 3 विधि से साढ़े 3 सौ सैम्पल की जांच की जाएगी। जिसमें 2 सौ की जांच आरटीपीसीआर विधि से, 60 की जांच ट्रू-नाट मशीन से व 1 सौ सैम्पल की जांच एंटीजन टेस्ट से होगी। जांच की गति बढऩे से कोरोना संक्रमित मरीज जल्द ट्रेस होंगे और त्वरित इलाज की सुविधा भी उपलब्ध हो सकेगी।