कोरबा। शासन के नियम कायदों को ताक में रखकर गौपालन के बहाने मुर्गी फार्म का संचालन किया जा रहा। इससे न सिर्फ गंदगी फैल रही है, बल्कि संक्रमण का भी खतरा बढ़ गया है।
पाली थाना व तहसील मुख्यालय से मात्र पांच किलोमीटर की दूर स्थित ग्राम पंचायत मुनगाडीह के वार्ड क्रमांक 12 धनुवारपारा में लगभग 200 परिवार निवासरत हैं। सभी रोजी मजदूरी पर आश्रित हैं। गांव के ही भूमि पर शेड बनाकर गौपालन के नाम पर मुर्गी फार्म का संचालन किया जा रहा है। लगभग 25 हजार की क्षमता वाले इस पोल्ट्री फार्म के कारण गांव में गंदगी फैल रही। दुर्गंध से लोगों का जीना दूभर हो गया है। बताया गया जा रहा है कि ग्रामीणों की विरोध के चलते करीब एक साल तक यह पोल्ट्री फार्म बंद रहा। अब पुन: प्रारंभ कर दिया गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि मुर्गी फार्म से बदबू उठ रही है। भोजन करने व रहने में परेशानी हो रही है। खुजली व सर्दी खांसी से ग्रसित हैं। स्वास्थ्य कर्मी भी इस पर आपत्ति जता चुके हैं। जनप्रतिनिधियों ने लॉकडाउन के दौरान संचालन पर रोक लगाने की बात कही, लेकिन संचालक ने शेड निर्माण में 40 से 50 लाख की लागत राशि हर्जाना देने की शर्त रखी। वर्तमान में रायपुर से हजारों की संख्या में चूजे ला पुन: मुर्गी फार्म का संचालन किया जा रहा। लॉकडाउन के कारण क्षेत्र के लोग कलेक्टोरेट जाने में असमर्थ हैं। पूर्व पंच सुखु राम, तीज बाई, संतोष अघनू राम, वीर सिंह, इतवार दिलबाई, पुनीराम, मंगलीन बुधराम, दशरथ,अर्जुन, अजय बीरेंद्र, राजेंद्र, राखी राम, बुधवार सिंह, बिरझु राम खिकराम ने मांग की है कि जल्द ही पोल्ट्री फार्म का संचालन बंद कराया जाए।