
नईदिल्ली, २३ जुलाई [एजेंसी]।
देश के विभिन्न राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है। राजधानी दिल्ली में एक बार फिर यमुना का जलस्तर खतरे के निशान की ओर से है। इससे निचले इलाकों में दिल्ली वालों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। वहीं मध्य प्रदेश के साथ ही गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली के निचले इलाकों के लिए एक बार फिर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से 2 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण यमुना में जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी है दी कि दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढऩे से राजधानी के बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्य प्रभावित हो सकता है।गुजरात में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण अहमदाबाद हवाई अड्डे पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। ट्विटर पर कई वीडियो में दिखाया गया कि लगातार बारिश के कारण हवाईअड्डे में पानी भर गया है, रनवे और टर्मिनल क्षेत्र पानी में डूबे हुए हैं।उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक रोहिला के मुताबिक, भारी बारिश के कारण उत्तरकाशी जिले के पुरोला, बडक़ोट और डुंडा में 50 भवन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिले में 50 सडक़ें बंद हैं। लगभग 40 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई है और अधिकांश कृषि भूमि बह गई है। भारी बारिश के कारण गुजरात के जूनागढ़ में भारी तबाही हुई है। भारी बारिश से राहत मिली और जलस्तर कम हुआ तो तबाही का अलग ही मंजर सामने आया। कारें एक दूसरे के ऊपर चढ़ी हुई नजर आईं।
उत्तरकाशी में भारी बारिश से भारी नुकसान
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के निवासियों के बुनियादी ढांचे और आजीविका को काफी नुकसान हुआ है। उत्तरकाशी के डीएम अभिषेक रोहिला ने कहा कि मानसून की भारी बारिश ने जिले के कई इलाकों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। जिले में 50 सडक़ें और लगभग 40 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई है।




























