
जैजैपुर। समीपस्थ ग्राम कोटेतरा में दूषित पेयजल के कारण 35 से अधिक ग्रामीण डायरिया की चपेट में हैं जबकि एक ग्रामीण की मौत हो गई। पीडि़त मरीजों का उपचार स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में कैंप लगाकर किया जा रहा है। वहीं कुछ मरीजों को सक्ती रेफर किया गया है।
गांव में जीवन साहू (55) की डायरिया से मौत होने की बात ग्रामीणों ने कही है। वहीं उसकी पत्नी श्यामबाई साहू और बहू भुनेश्वरी तथा किरण साहू भी डायरिया से पीडि़त हैं। इनके अलावा रेवती साहू, शारदा साहू, उमा सिदार, लाल सिदार, भुलना साहू सहित 35 से अधिक ग्रामीण डायरिया से पीडि़त हैं, उनका उपचार सक्ती व जैजैपुर के अस्पताल में चल रहा है। वहीं गांव में कुछ लोगों का कैंप लगाकर उपचार किया जा रहा है। मितानीन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा घर-घर जाकर क्लोरीन टेबलेट का वितरण किया गया है। वहीं किसी को भी उल्टी दस्त की शिकायत होने पर कैंप में उपचार कराने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगातार पीडि़तों पर नजर रखी जा रही है। कैंप प्रभारी हर गोविंद कोसले ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में हैं। ग्रामीणों से लगातार संपर्क कर उनका हालचाल पूछा जा रहा है।
दूषित पानी से फैली बीमारी
ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना के तहत लगे पाइप लाइन वार्ड नंबर 15, 16 में कई जगह लिक है। वहीं से बरसात का गंदा पानी पाइप के माध्यम से घरों में जा रहा है। इसी पानी को पीकर लोग डायरिया के शिकार हो रहे हैं।
इनका कहना
ग्रामीण जीवन साहू की मृत्यु हार्टअटैक से हुई है। वह उपचार कराने कैंप या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नहीं आया था। बाराद्वार के किसी निजी अस्पताल में उसका उपचार हुआ है। डायरिया से मृत्यु नहीं हुई है।
डा. उमाशंकर साहू
खंड चिकित्सा अधिकारी



















