जांजगीर-जैजैपुर। महिला एवं बाल विकास कार्यालय जैजैपुर अंतर्गत संचालित विकासखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पढऩे वाले छोटे बच्चों को सुपोषित आहार देने के लिए महिला समूहों से आवेदन मंगाया गया था, जिसमें क्षेत्र भर से दर्जनों महिला समूहों ने आवेदन जमा किया था।
इधर, अपने चहेते और खास लोगों को यह काम देने के लिए परियोजना अधिकारी द्वारा जमकर गफलत करते हुए अपात्र समूहों को पात्र बता ग्रेडिंग दिया गया था। यह मामला मीडिया में आने के बाद महिला एवं बाल विकास संचालक रायपुर ने इसे संज्ञान में लेते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराई, जिसमें चनयनित महिला समूहों के दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी मिली। इसके बाद महिला एवं बाल विकास कार्यालय जैजैपुर के परियोजना अधिकारी मोहम्मद अहमद खान को नोटिस देते हुए आठ सेक्टर के लिए चयनित प्रक्रिया को निरस्त करते हुए जिला परियोजना अधिकारी द्वारा नया विज्ञापन जारी किया गया है। इसकी जानकारी होने पर अपात्र हुए महिला समूहों के सदस्यों ने राहत महसूस की है। विदित हो कि आंगनबाड़ी में पढऩे वाले छोटे बच्चों को सरकार द्वारा रेडी टू इट योजना के अंतर्गत संपूर्ण सुपोषण आहार देने के लिए दलिया का वितरण कराया जाता है, जिसके वितरण का कार्य महिला समूहों को दिया जाना था। इसके लिए विभाग द्वारा आवेदन मंगाया गया था, लेकिन इसके चयन प्रक्रिया में तमाम नियम-कायदों को ताख पर रखते हुए कार्य देने के नाम पर लेनदेन का खुला खेल शुरू हो गया, जिसमें पात्र महिला समूह को अपात्र बताकर उनको देने वाले ग्रेडिंग को जानबूझकर कम कर दिया गया और चयन सूची जारी कर दी गई। इसकी जानकारी होने पर जब महिला समूहों ने अपना विरोध दर्ज कराया तो उनको दस्तावेज के जांच करने की बात को लेकर जनपद कार्यालय बुलाया गया, लेकिन यहां से परियोजना अधिकारी भाग गए और जनपद पंचायत कार्यालय में पहुंची महिलाओं को बैरंग लौटना पड़ा था। पूरे मामले में हद तो तब हो गई जब आठ सेक्टर के लिए कुल 44 महिला समूहों ने आवेदन जमा किया था, लेकिन 36 महिला समूहों को सी ग्रेड दे दिया गया और जिन समूहों को काम देना था, उन्ही महिला समूहों को ए ग्रेड दिया गया था। इसी से विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली की अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से उनके द्वारा चयन प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया होगा।
177 केंद्र के बच्चों को योजना का लाभ
महिला एवं बाल विकास कार्यालय जैजैपुर अंतर्गत आंगनबाडिय़ों को 9 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जिसमें घिवरा सेक्टर का अनुबंध अभी समाप्त नहीं हुआ है। जबकि, भोथिया सेक्टर में एक ही आवेदन मिलने के चलते यहां चनयनित महिला समूह को निरस्त नहीं किया गया है। बचे जिन सात सेक्टर में पुन: चयन की प्रक्रिया होगी, उसमें जैजैपुर के 24 आंगनबाड़ी, ओड़ेकेरा के 26, चिस्दा के 22, कचंदा के 27, हसौद के 26, ठठारी के 25 एवं कोटेतरा के 27 आंगनबाड़ी केन्द्र शामिल हैं। इन
डीपीओ बता सकते है वस्तुस्थिति
रेडी-टू-इट प्रदायगी के लिए समूहों की चयन प्रक्रिया नए सिरे से होगी। वर्तमान में किए गए चयन को निरस्त किया गया है। इसके बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी ही बेहतर बता सकते हैं।
-मोहम्मद अहमद खान, परियोजना अधिकारी, जैजैपुर