जांजगीर-चांपा। आय से अधिक संपत्ति अर्जन के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर की टीम ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय जांजगीर से सेवानिवृत्त कर्मचारी रामकुमार थवाईत को मंगलवार को गिरफ्तार कर जांजगीर स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया। यहां विशेष न्यायाधीश श्रीमती कीर्ति लकड़ा ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए जमानत अर्जी पर 27 फरवरी तक के लिए आदेश सुरक्षित रख अभियुक्त आर के थवाईत को जेल भेजने का आदेश दिया।
अतिरिक्त लोक अभियोजक रेवतीरमण तिवारी ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय जांजगीर में पदस्थ रहे रामकुमार थवाईत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो तक पहुंची थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने 26 जून 2012 को आरके थवाईत के विभिन्न ठिकानों पर दबिश देने के लिए टीमें गठित की। अधिकारियों के निर्देश पर गठित टीमों ने आरके थवाईत के जांजगीर स्थित मकान समेत अन्य सभी ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस दौरान टीम ने पाया कि वर्ष 2001 से वर्ष 2012 तक आरके थवाईत की कुल अर्जित आय एक करोड़ छह लाख रूपए है, जबकि छापेमारी के दौरान एक करोड़ 57 लाख रूपए की संपत्ति का खुलासा हुआ। टीम ने आय से अधिक संपत्ति के संबंध में जब आरके थवाईत से पूछताछ की तो वे संतोष जनक जवाब नहीं दे सके और न ही अतिरिक्त संपत्ति के संबंध में कोई दस्तावेज पेश कर सके। जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पाया कि स्वास्थ्यकर्मी आरके थवाईत ने शासकीय सेवा में रहते हुए करीब 50 लाख रूपए की संपत्ति गलत ढंग से अर्जित की है। छानबीन के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने तत्कालीन स्वास्थ्यकर्मी आरके थवाईत के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 1& (ई) के तहत मामला पंजीबद्ध किया। इसके बाद से एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम इस मामले की विवेचना कर रही थी। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 25 फरवरी मंगलवार को अभियुक्त आरके थवाईत को जांजगीर स्थित उनके निवास से सीधे गिरफ्तार कर मामले का चालान विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां विशेष न्यायाधीश श्रीमती कीर्ति लकड़ा ने मामले की सुनवाई की। इस दौरान अभियुक्त आर के थवाईत की ओर से उनके अधिवक्ता ने जमानत अर्जी पेश की, जिस पर विशेष न्यायाधीश श्रीमती लकड़ा ने 27 फरवरी 2020 तक के लिए आदेश सुरक्षित रखते हुए अभियुक्त रामकुमार थवाईत को जेल दाखिल करने का आदेश दिया। विशेष न्यायालय के आदेश पर अभियुक्त रामकुमार थवाईत को मंगलवार की शाम जिला जेल जांजगीर में दाखिल करवा दिया गया।
तत्कालीन स्वास्थ्य कर्मी रामकुमार थवाईत ने जांजगीर स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में स्टेनो थे। वे मूलत: एनएमए के पद पर पदस्थ थे, लेकिन विभाग के उ’चाधिकारियों से अ’छे संबंध होने के कारण स्टेनो थे। बताया जाता है कि मालखरौदा में स्पेशल सर्जन के रूप में पदस्थ रहे डॉ.राजेश चन्द्रा के खिलाफ इन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसकी खबर मिलने पर डॉ. चंद्रा ने इनके विरूद्ध एसीबी में शिकायत करवा दी। ऐसे में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीमों ने दोनों के ठिकानों पर एक ही दिन दबिश दी और करोड़ों का खुलासा किया। एसीबी की टीम ने कार्रवाई के बाद मीडिया को आर के थवाईत के पास जांजगीर में चार मकान, ग्राम खोखरा में तीन एकड़ का एक फार्म हाऊस, एक मकान में तीन एसी लगे होने की जानकारी दी थी।
एसीबी ने अचानक की गिरफ्तारी
तत्कालीन स्वास्थ्यकर्मी आरके थवाईत के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जन का यह मामला वर्ष 2012 का है। एसीबी की टीम ने 26 जून 2012 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 1& (ई) के तहत उनके विरूद्ध मामला पंजीबद्ध किया था। एसीबी की टीम वर्ष 2012 से अब तक इस मामले की विवेचना कर रही थी। हाल ही में विवेचना पूर्ण होने के बाद टीम ने 25 फरवरी 2020 को बिना पूर्व सूचना के तत्कालीन स्वास्थ्य कर्मी रामकुमार थवाईत की गिरफ्तारी की और मामले का चालान जांजगीर स्थित विशेष न्यायालय में पेश किया। अचानक हुई गिरफ्तारी से आरके थवाईत को अपना बचाव करने का कोई अवसर नहीं मिला और उन्हें जेल जाना पड़ गया।
सीधे गिरफ्तार कर पेश किया चालान
आय से अधिक संपत्ति अर्जन के मामले में वर्ष 2012 में तत्कालीन स्वास्थ्यकर्मी आरके थवाईत के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 1& (ई) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। विवेचना पूर्ण होने के बाद 25 फरवरी 2020 को अभियुक्त रामकुमार थवाईत को जांजगीर स्थित उनके मकान से सीधे गिरफ्तार कर मामले का चालान विशेष न्यायाधीश के न्यायालय में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया गया।
-आदित्य हीराधर, डीएसपी, एसीबी, बिलासपुर