येरूसलम,२० अप्रैल [एजेंसी]।
चीन से फैला कोरोना वायरस आज दुनिया में कोहराम मचा रहा है। साल 2019 के अंत में कोरोना वायरस चीन के वुहान शहर से फैला। ये संक्रमण इतनी खतरनाक गति से फैला कि इसने करोड़ों लोगों को अपनी चपेट में लिया और लाखों लोगों ने इसके आगे दम तोड़ दिया। कोरोना से बचने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैक्सीन बनने से पहले मास्क पहनने को एक कारगार हथियार बताया। आज का दौर ऐसा है कि हर किसी को मास्क पहनना जरूरी है लेकिन इस्राइल दुनिया का पहला ऐसा देश बनने जा रहा है, जहां मास्क को ना पहनने के आदेश दे दिए गए हैं। जी हां, इस्राइल में प्रशासन ने लोगों को मास्क ना पहनने के आदेश दिए हैं। इस्राइल में 81 फीसदी जनता को कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है, जिसके बाद प्रशासन ने यह फैसला सुनाया है।
सरकार के इस आदेश के बाद लोगों ने अपने चेहरे से मास्क उतार फेंका और सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की। इस्राइल में 16 साल से अधिक उम्र के 81 फीसदी लोगों को कोरोना के दोनों टीकें लग चुके हैं। वहीं वैक्सीनेशन में तेजी से यहां कोरोना संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में तेज गिरावट आई है। हालांकि इजरायल में सख्ती अभी भी लागू है। विदेशियों की एंट्री और बिना टीका लगवाए लोगों का प्रवेश सीमित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस्राइल ने देश में नए भारतीय वेरिएंट के सात केसों का पता लगाया है और इनकी जांच की जा रही है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि कोरोना वायरस के जीतने के मामलों में इस समय हम दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने आगे कहा कि अभी कोरोना से लड़ाई पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और यह आगे भी लौट सकता है। इस्राइल की आबादी एक करोड़ से कम है और यहां अब तक कुल आठ लाख से ज्यादा मामले ही निकले हैं, वहीं छह हजार से ज्यादा लोगों की कोविड की वजह से मौत हुई है।

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