उठाव का आसमानी दावा, 5 लाख क्विंटल धान उपार्जन केंद्रों में जाम

डीओ काटने में राइस मिलर्स के साथ भेदभाव
कोरबा। जिले में इस सीजन में 25 लाख क्विंटल से ज्यादा धान खरीदी की जानी है। 65 उपार्जन केंद्र इस काम में लगे हैं। खरीदी के साथ ही इसी अनुपात में धान का उठाव करना है और इसी प्रकार के दावे संबंधित तंत्र कर रहा है। इन सबके बावजूद वास्तविकता यह है कि आसमानी दावे के कारण मौजूदा स्थिति में 5 लाख 55 हजार 435 क्विंटल धान केंद्रों में उठाव से बचा हुआ है। इसके चलते समितियां परेशान हैं। कहा जा रहा है कि डीओ काटने के मामले में मार्कफेड के दोहरे मापदंड हैं। किसी मिलर्स को थोक में डीओ काटे गए हैं तो किसी की सुध लेने में बिल्कुल रूचि नहीं है। जानकारी में बताया गया कि अब तक जितना धान उठाव से बचा हुआ है अकेले उसी की कीमत 121 करोड़ रुपए के आसपास होती है। मौसम में बार-बार हो रहे परिवर्तन के कारण चुनौतियां बढ़ी हैं कि पता नहीं कब क्या हो जाए। जिले में 1 दिसंबर से लेकर 31 जनवरी तक नगद एवं लिंकिंग व्यवस्था के तहत पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का कार्य किया जा रहा है। जिले के 41 समितियों के 65 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी जारी है। जिले को इस साल 25 लाख 70 हजार क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य दिया गया है। जिले में 50 हजार 912 किसानों को पंजीकृत किया गया है। इनमें से अब तक 26 हजार 652 किसान 14 लाख 46 हजार 423 क्विंटल धान बेच चुके हैं। सरकार के घोषित समर्थन मूल्य पर यह कीमत 315 करोड़ 75 लाख 43 हजार 198.80 रुपए की है। सहकारी बैंक के माध्यम से इसका भुगतान हो रहा है। बताया गया कि हालांकि अभी भी जिले में 50 फीसदी उपार्जन ही हुआ है। ऐसे में प्रतिदिन धान खरीदी की औसतन लिमिट लगभग दोगुनी कर दी गई है। प्रतिदिन औसतन 50 हजार क्विंटल से अधिक की धान खरीदी हो रही। अचानक लिये गए इस निर्णय से समितियां वैसे ही हैरान थीं। दूसरी ओर राइस मिलरों को डीओ काटे जाने के बाद भी धान का उठाव नहीं करने से हालात बिगड़ रहे हैं। मार्कफेड कहता है कि 72 घंटे के भीतर धान का उठाव होना है लेकिन अभी भी केंद्रों में 5 लाख 55 हजार 435 क्विंटल धान जाम पड़े हैं।
प्वाइंट नहीं मिलने का तर्क
मार्कफेड के अधिकारी का तर्क है कि फिलहाल बंफर लिमिट की स्थिति नहीं है। मिलर्स को डीओ जारी करने के बाद ट्रांसपोर्ट पार्टी को सेंटर की ओर से लैंडिंग प्वाइंट की जानकारी समय पर नहीं देने से दिक्कत हो रही है और जाम की स्थिति बन रही है। इधर अखरापाली, उत्तरदा, कनकी, करतला, केरवाद्वारी, कुल्हरिया, कोथारी, कोरकोमा, कोरबी (पाली), कोरबी (पोड़ी उपरोड़ा), चैतमा, चिकनीपाली, तुमान, नवापारा, बेहरतुओं, निरधी, पोंडी, फरसवानी, बरपाली (कोरबा), बरपाली (बरपाली), मैसमा, मिलाईबाजार, रामपुर, श्यांग एवं सिरमिना में 10 हजार क्विंटल से अधिक धान जाम हो गया है। यह मात्रा प्रति इकाई स्तर की है।

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