बलौदा। सेवा सहकारी समिति खिसोरा हमेशा किसी न किसी मामले में सुखियों में रहता है। बलौदा ब्लाक के 8 धान खरीदी केंद्र से लगभग सभी जगह का धान उठाव तो हो गया लेकिन धान खरीदी खिसोरा में अभी भी रिकार्ड में 1612.40 कट्टी धान का उठाव नहीं होना दिख रहा है। खरीदी केंद्र का मौके में जांच की जाये तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। खरीदी केंद्र का जो रिकार्ड में दिख रहा है मौके में उतना धान नहीं होने की आशंका है। फड़ में ढेर लगा धान खराब है। जिसको धान खरीदते समय सीधे बिचौलियों से रेक में छल्ली लगाया गया था। सरकार द्वारा समय में धान का उठाव नहीं होने के कारण जब बेमौसम बारिश के कारण सड़े बारदाने से अन्य बारदाने में धान की पल्टी की गई तो काम करने वाले मजदूर धान के बोरी के अंदर रेती , मिट्टी, पत्थर देख कर दंग रह गए । मगर खरीदी प्रभारी ने इसे छिपाने का प्रयास किया।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बलौदा के अंतर्गत धान खरीदी केंद्र भैसतरा, जावलपुर, जर्वे, महुदा , चारपारा, बलौदा , कोरबी, बक्सरा, सभी धान खरीदी केन्द्र का लगभग धान उठाव हो गया है , वही खिसोरा में सबसे ज्यादा धान स्टाक है । वहां के धान का उठाव मिलर्स क्यो नही कर रहे हैं। वहां के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि धान खरीदी की कमी को पूरा करने अभी अभी एक ट्रैक्टर रबी फसल का धान फड़ में गिराया गया है। इस वर्ष धान खरीदी में बारदाने की कमी के कारण कई दिनों तक धान खरीदी केंद्र में खरीदी प्रभावित रहा है, वही बारदाने आज खिसोरा में खुले आसमान के नीचे पड़े पानी में सड़ रहे हैं। इससे धान खरीदी प्रभारी को कोई सरोकार नहीं है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बलौदा के अंतर्गत धान खरीदी केंद्र भैसतरा, जावलपुर, जर्वे, महुदा , चारपारा, बलौदा , कोरबी, खैजा सभी जगह समिति प्रबंधक को हटाकर अन्य जगह स्थानातंरित किया गया था। लेकिन धान खरीदी केंद्र खिसोरा प्रबंधक को नहीं हटाया गया और वही धान खरीदी प्रभारी बनाया गया था। खिसोरा प्रबंधक पर कई बार किसानों के नाम फर्जी केसीसी का आरोप लगा, किसानों के नाम मे फर्जी ऋण निकालने की कई बार शिकायत, मृत व्यक्ति के नाम धान बेचकर स्वयं द्वारा बैंक से राशि का आहरण किया गया, जो जांच में सही पाया गया है । इसके बाद भी विभाग के अधिकारी खरीदी प्रभारी पर मेहरबान हैं। सेवा सहकारी समिति खिसोरा के किसान इससे त्रस्त हैं। किसान शिकायत करते हैं तो भी इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है।