
जांजगीर /नवागढ़। नवागढ़ विकासखंड के गांव सरखो निवासी धनंजय साव (47) के पैर के ऊंगली में फ्रैक्चर होने का इलाज कराने चांपा के नायक नर्सिंग होम सोमवार को पहुंचा था। जहां डॉक्टरों ने एक्सरे लेकर दूसरे दिन ऑपरेशन करने की बात कही थ। दूसरे दिन धनंजय साव अपने बेटे के साथ नायक नर्सिंग होम ऑपरेशन के लिए पहुंचा हुआ था। तभी वहां के डॉक्टर ने ऑपरेशन करने से पहले ऑपरेशन थिएटर में युवक को एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद युवक धनंजय साव की हालत बिगडऩे लगी, फिर नाक से खून बहना लगा, हाथ-पैर सुन्न हो गया और युवक की मौत हो गई। शुरुआत दौर में परिजनों को कुछ समझ नहीं आया और परिजनों द्वारा डॉक्टर से पूछने से किसी प्रकार संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे थे। इसके बाद सीधे बोला गया कि मौत हो गया। मौत की जानकारी सुनते ही परिजन सकते में आ गए कि ऊंगली का इलाज कराने आए थे और मौत हो गया। इसके बाद अन्य परिजन भी अस्पताल में पहुंचे। जहां डॉक्टरों पर गलत इलाज का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया गया। परिजनों का कहना था कि पहले डॉक्टर को बुलाया जाए, फिर शव को उठाया जाएगा। पुलिस की समझाइश के बाद परिजन शांत हुए इसके बाद शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। परिजनों ने डॉक्टर के ऊपर लापरवाही पूर्वक इलाज करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में खूब हंगामा किया। वहीं परिजनों की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया गया। वहीं परिजनों का आरोप है कि धनंजय साव को कोई गंभीर बीमारी नहीं था ना ही किसी प्रकार की कोई परेशानी था। पैर के ऊंगली में मामूली चोट लगने के कारण इलाज कराने नायक नर्सिंग होम पहुंचे थे। गलत इलाज के कारण ही मौत हुई है। फिलहाल पीएम के बाद मौत का सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
रिएक्शन के कारण हुई मौत
नायक नर्सिंग होम चांपा के डॉक्टर रमाकांत देवांगन का कहना है कि पैर का ऊंगली में चोट लगी थी। इससे हड्डी खिसक गया था। इस कारण आज वायर डालकर ऑपरेशन करने के लिए बुलाया गया गया था। ऑपरेशन के पहले डोज देना पड़ता है। एंडीबायोटिक के डोज से उसको रिएक्शन हो गया था। इसके बाद बचाने का पूरा प्रयास किया गया था। तत्काल ऑपरेशन थियेटर में लेकर गए। जितना भी बचाना का प्रोसीजर रहता है, उसको किया गया। दुर्भाग्यवश उसे बचाया नहीं जा सका।
डॉक्टरों ने कभी ब्रेन हेमरेज तो कभी अटैक बताया कारण
इधर पत्रकारों से चर्चा के दौरान मृतक के पुत्र अभय साव ने बताया कि पूछताछ किया गया तो डॉक्टरों व स्टाफ ने मौत का कारण रिएक्शन तो कभी ब्रेन हेमरेज तो कभी अटैक से होना बताया गया। इसके कुछ देर बाद मेरे सामने ही एक रिपोर्ट को फाड़ दिया गया। क्या रिपोर्ट में फाड़ा गया है, इसकी जानकारी नहीं है। गलत इंजेक्शन लगाने के कारण ही मौत हुआ। डॉक्टरों का गंभीर लापरवाही है। अस्पताल को तत्काल बंद होना चाहिए। साथ ही डॉक्टर ऊपर कार्रवाई होना चाहिए।






















