पुलिस के पास अब तक नहीं पहुंची जानकारी
कोरबा। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एनटीपीसी के लाटा क्षेत्र में लगे 315 केवी क्षमता के ट्रांसफार्मर से लाखों का सामान पार हो गया। खास बात यह है कि चोरों ने पूरी तसल्ली के साथ व्यस्त क्षेत्र में इस घटना को अंजाम दिया। एनटीपीसी प्रबंधन की ओर से इस बारे में अब तक पुलिस को जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में जांच हो तो कैसे।
खबर के अनुसार जमनीपाली के लाटा क्षेत्र में एनटीपीसी ने अपनी विद्युत की आवश्यकताओं के लिहाज से ट्रांसफार्मर की स्थापना कर रखी थी। मौके पर 315 किलोवाट का ट्रांसफार्मर लगाया गया था। इसी क्षेत्र में सरकारी शराब दुकान भी संचालित हो रही है। इस कारण से क्षेत्र में हमेशा अच्छी-खासी चहल-पहल बनी रहती है। लॉकडाउन के कारण मौजूद स्थिति को लेकर लगातार इस तरह की आशंका जताई जा रही थी कि चोर-उच्चक्कों की गतिविधियां बढ़ सकती है और वे किसी भी हद तक गिर सकते हैं। दर्री सहित जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अंतर्गत चोरी-चकारी से लेकर झपटमारी और अन्य घटनाओं में बढ़ोत्तरी होने को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। दर्री थाना के लाटा क्षेत्र में एनटीपीसी के ट्रांसफार्मर को निशाने पर लेने की घटना इसी कड़ी में जुड़ी बताई जा रही है। एक सप्ताह पहले अज्ञात तत्वों ने यहां पर घटना को अंजाम दिया। महारत्न कंपनी एनटीपीसी की सुरक्षा व्यवस्था और कथित सतर्कता संबंधी दावों को खारिज करते हुए चोरों के गिरोह ने काफी ऊंचाई पर लगाए गए ट्रांसफार्मर को ना केवल नीचे उतारा बल्कि इसके भीतर मौजूद कॉपर केबल सहित कई महत्वपूर्ण उपकरणों को निकालने के साथ पार कर दिया। इनकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। क्षतिग्रस्त किये गए ट्रांसफार्मर का आवरण ही मौके पर छोडऩे को लेकर चोरों ने दरियादिली दिखायी। आसपास के लोगों के जरिए इसकी सूचना संबंधित तंत्र और मीडिया को मिली। सबसे अचरज वाली बात यह है कि इस मामले को लेकर एनटीपीसी ने पुलिस को सूचना देना ही उचित नहीं समझा। यही कारण है कि चोरी के इस मामले में संलिप्त तत्वों की भूमिका और उनकी पृष्ठभूमि के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं हो सकी है। समझ से परे है कि आखिर ऐसे मामलों को एनटीपीसी अपने स्तर तक सीमित क्यों रखना चाह रही है।
खदानों से डीजल चोरी जारी, उठ रहे सवाल
यहां बताना उचित होगा कि कोरबा जिले में साउथ इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड के कुसमुंडा, गेवरा और दीपका विस्तार क्षेत्र की कोयला खदानों से लगातार डीजल चोरी की घटनाएं हो रही है। इनमें सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों लीटर डीजल एक ही खेप में पार कर दिया जा रहा है और कोयला कंपनी को लाखों की चपत बड़ी आसानी से लगाई जा रही है। कुसमुंडा, दीपका थाना क्षेत्र के अंतर्गत चोरी के ये मामले आम हो गए हैं। खबर है कि बिलासपुर का कुख्यात डीजल चोर गिरोह इस काम को अंजाम देने में लगा हुआ है। चोरी के काम में आसपास के कई गांवों के युवा बेरोजगारों को नियोजित किया गया है। भले ही इस काम में जोखिम ज्यादा है लेकिन मजदूरी की दर औसत से बहुत ज्यादा है,यही आकर्षण खाली बैठे लोगों को काम करने के लिए मजबूर कर रहा है। एसईसीएल ऐसे मामलों में कम ही घटनाओं की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराती है। रहस्य यह भी है कि चौतरफा सुरक्षा व्यवस्था होने पर चोरों का गिरोह आखिर खदान तक कैसे पहुंचता है और डीजल लेकर मौके से कैसे निकल जाता है।