
भोपाल, २७ दिसम्बर । मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के 12वीं के विद्यार्थी दो जनवरी तक त्रुटि सुधार सकते है। इसके लिए भी माशिमं ने विद्यार्थियों को 500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। माशिमं ने मंगलवार को इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए है। विद्यार्थियों को दो जनवरी तक त्रुटि सुधार परिवर्तन का अवसर दिया है। दरअसल माशिमं द्वारा दो साल पहले तक 12वीं में संकाय बदलने की सुविधा दी जाती थी। पिछले साल भी कुछ विशेष प्रकरणों में विषय बदलने की सुविधा दी गई, लेकिन इस साल से मंडल ने यह अधिकार छिन लिए हैं। इस बार मंडल ने 12वीं में सिर्फ त्रुटि सुधार की सुविधा दी है। मंडल द्वारा 11वीं से द्विवर्षीय पाठ्यक्रम लागू किया है। जिससे 11वीं में एक बार कोई विषय या संकाय लेने के बाद उसे 12वीं में परिवर्तन नहीं कर सकते है।निर्देश में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2023-2024 के लिए संस्था द्वारा आनलाइन प्रविष्टि में विषयों में की गई त्रुटि के सुधार की सुविधा 31 अक्टूबर तक प्रदान की गई थी। इसे पुन: दो जनवरी 2024 तक 500 रुपये प्रति विषय अर्थदंड के साथ विषयों में त्रुटि सुधार की आनलाइन सुविधा प्रदान की जाती है। संबंधित संस्था प्राचार्य को त्रुटि सुधार के साथ एमपी आनलाइन पोर्टल पर संबंधित छात्र की कक्षा 11वीं उत्तीर्ण की अंकसूची एवं इस आशय का घोषणा-पत्र अपलोड करना अनिवार्य होगा कि जिन विषयों के विषयों में त्रुटि सुधार किया गया है। उन विद्यार्थियों ने 11वीं में इन्हीं विषयों का अध्ययन किया गया है और संस्था द्वारा इन्ही विषयों की अंकसूची छात्रों को जारी की गई है। यदि यह पाया जाता है, कि किसी संस्था द्वारा तथ्यों को छुपाते हुए गलत तरीके से विषयों में संशोधन किया गया हैं, तो सरकारी स्कूल के प्राचार्य के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए पत्र लोक शिक्षण संचालनालय को लिखा जाएगा। वहीं निजी स्कूल होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय की संबद्धता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा सकेगी।



























