मृतक की रिटायरमेंट से 4 दिन पहले की गई थी हत्या
सूरजपुर। एसईसीएल कर्मी बाबुलाल पिता स्व. नवलसाय निवासी बंशीपुर, थाना भटगांव का शव रिटायरमेंट से 04 दिन पूर्व दिनांक 28 मार्च 2020 के सुबह उसके घर से कुछ दूरी पर स्थित नहर के पास सुनसान जगह पर संदिग्ध हालत में पड़ा मिला था। सूचक मृतक के बड़े लडका शशी उर्फ दीपक की सूचना पर मर्ग कायम कर घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देते हुए प्राप्त निर्देशानुसार घटना स्थल एवं मृतक के शव का बारिकी से निरीक्षण करते हुए मृतक के परिजनों, गवाहों का कथन लिया गया एवं शव को पीएम हेतु भेजा गया। पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर द्वारा बाबुलाल की मृत्यु हत्यात्मक प्रकृति का लेख किए जाने से अज्ञात आरोपी के विरुध्द धारा 302 भादवि का अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया।
प्रकरण की गभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरजपुरराजेश कुकरेजा ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरतापूर्वक विवेचना करने के निर्देश थाना प्रभारी भटगांव को दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के नेतृत्व में विवेचना दौरान पाया गया कि मृतक बाबुलाल पनिका एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के शिवानी खदान में पम्प ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। सागरमती बाबुलाल की तीसरी पत्नी थी, बाबुलाल और सागरमति के उम्र के बीच करीब 20 वर्ष का अंतर था, बाबुलाल शराबी, नसेड़ी प्रवृति का था जो अक्सर शराब पीकर सागरमती के साथ लडाई-झगड़ा, मारपीट करते रहता था। जून 2019 से बाबुलाल अपने पत्नी, बच्चों के साथ नये घर शीतला मंदिर के पास ग्राम बंशीपुर में रहने लगा और घर में ही ढाबा खोला था, जरही निवासी 35 वर्षीय मणिरंजन मिश्रा उर्फ पिन्टू मिश्रा जो आज तक अविवाहित है अक्सर बाबुलाल के ढाबा में खाना खाने जाता था, बाबुलाल शारीरिक तौर पर कमजोर व उम्र दराज के साथ-साथ टीव्ही बीमारी से ग्रसित था। सागरमती एवं पिन्टू मिश्रा के मध्य प्रेम संबंध स्थापित हो गया। दिनांक 31/03/2020 को बाबुलाल नौकरी से रिटायर होकर घर में बैठ जाता जिससे सागरमती का अनैतिक गतिविधियों में लगाम लग जाता, इसलिए घटना से करीब 03 माह पूर्व मणिरंजन मिश्रा उर्फ पिन्टू मित्रा एवं सागरमती मिलकर योजना बनाये कि बाबुलाल के नौकरी रहते ही उसे रास्ते से हटा देते हैं और फण्ड ग्रेच्यूटी के पैसा से पिन्टू मिश्रा के लिए एक चार चक्का वाहन खरीदेंगे, बाबुलाल के मरने के बाद अनुकम्पा नौकरी सागरमती ले लेगी, पिन्टू मिश्रा, सागरमती के घर के बगल में ही घर बना लेगा और दोनों राजी खुशी से रहेंगे। तभी से दोनों के मन में बाबुलाल पनिका को जान से मारने का योजना चल रही थी और अपने इस योजना में मणिरजन मिश्रा उर्फ पिन्टू मिश्रा अपने करीबी साथी सीताराम यादव को शामिल कर रखा था, योजना अनुसार मृतक बाबुलाल पनिका के नौकरी के रिटायमेंट से 4 दिन पूर्व दिनांक 27/03/2020 को लाकडाउन के दौरान मनिरंजन उर्फ पिन्टू मिश्रा रात्रि 9 बजे बाबुलाल के घर गया और उसके साथ घर में शराब पीया एवं पिलाया और बाबुलाल को ताश खेलने हेतु जाने को बोला जिसके बाद बाबुलाल अपने पत्नी सागरमती से पैसा मांगा तो सागरमती पहले से घर खर्च के लिए रखे पैसे को अपने छोटे लडक़े रोहित को निकाल कर देने के लिए बोली तब रोहित आलमारी से निकालकर तीन हजार रुपये बाबुलाल को दिया। मृतक का लडक़ा मोहित उर्फ शनि, मणिंरजन मिश्रा उर्फ पिन्टू मिश्रा के क्वाटर में बैठकर टी.व्ही. देख रहा था तथा मोबाईल चला रहा था जिसे पिन्टू मिश्रा एवं सीताराम क्वाटर में ही बंद करके दोनों बाबुलाल पनिका को ताश खेलने जाने के बहाने सागरमती को इशारा से बता कर स्कूटी से ग्राम कोरंधा जाने वाले पगडण्डी रास्ता से नहर किनारे सुनसान जगह पर ले गये और मणिरंजन मिश्रा एवं जरही निवासी सीताराम यादव दोनों मिलकर बाबुलाल पनिका के गले में लटकाये गमझा से बाबुलाल का मुंह नाक दबाकर हत्या कर दिये घटना में प्रयुक्त गमछा को मृतक के गले पर ही लटका कर छोडक़र अपने स्कूटी से वापस आ गये। मोहित उर्फ शनि जिसे क्वाटर में बंद कर दिये थे काफी देर हो जाने पर अपने घर जाने के लिए दरवाजा खोला तो दरवाजा बाहर से बंद था जिससे वह पीछे से दीवाल कुद कर बाहर निकला जो मणिरंजन मिश्रा उर्फ पिन्टू मिश्रा व सीताराम यादव को स्कूटी से घटना स्थल तरफ से वापस आते देखा, अगले दिन सुबह पिन्टू मिश्रा पूरी बात सागरमती को बताया था। प्रकरण में आरोपी मणिरंजन उर्फ पिन्टू मिश्रा एवं सागरमती को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। प्रकरण का एक अन्य आरोपी सीताराम यादव फरार हैं, जिसकी पतासाजी की जा रही है।
एसडीओपी ओडग़ी मंजूलता बात के नेतृत्व में थाना प्रभारी भटगांव किशोर केंवट, चैकी प्रभारी चेन्द्रा आराधना बनोदे, प्रधान आरक्षक राजेश यादव, संजय चैहान, आरक्षक प्रकाश साहू, रजनीश पटेल, मोहम्मद नौशाद, मनोज जायसवाल, अशोक कनौजिया, अवधेश कुशवाहा, कमलेश सिंह, प्रहलाद पैकरा, महिला आरक्षक सरिता कुजुर व आशा लकड़ा सक्रिय रहे।