कोरबा। बिजली और पानी के लिए दिन भर तरसे एसईसीएल की पंपहाउस, 15ब्लॉक सहित अन्य कालोनियों के लोगों को वैकल्पिक सुविधा के अंतर्गत पानी तो दे दिया गया है लेकिन बिजली के मामले में उन्हें लंबा इंतजार करना होगा। दो ट्रांसफार्मर जल जाने से अजीब हालात निर्मित होने की बात अधिकारी कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि पूरी व्यवस्था सामान्य होने में 3 से 5 दिन तक का समय लग सकता है।
कोल इंडिया की मुनाफा देने वाली कंपनी एसईसीएल के कोरबा क्षेत्र में कर्मचारियों का कितना ख्याल कंपनी रख रही है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कर्मियों और उनके परिवारों को ठंड के सीजन में बिजली और पानी देने के लिए उदासीन रूख बना हुआ है। मंगलवार को सुबह से गुल हुई बिजली रात तक नहीं लौटी। इस फेर में यहां पर कर्मियों के आवासीय कालोनी में पानी नहीं पहुंचा। लाइट नहीं होने से परेशानियां हुई सो अलग। अपने-अपने स्तर पर कर्मचारियों ने समस्या की जानकारी ली लेकिन कोई खास इनपुट नहीं मिल सके। घंटों बीतने के बाद सीमित समय के लिए कुछ स्थानों पर पानी की आपूर्ति की गई और राहत के छींटे मारने की कोशिश की गई। कालोनियों में बिजली की बहाली आज दूसरे दिन भी नहीं हो सकी। ऐसे में जिन कर्मियों के यहां ऊर्जा के वैकल्प्कि स्त्रोत मौजूद हैं उन्होंने भी जवाब दे दिया और अब रसोई से लेकर दूसरे हिस्से में इमरजेंसी लाइट से लेकर मोमबत्ती का उपयोग करना पड़ रहा है। लोग इस बात से परेशान हैं कि समस्या लंबी है।
पांच दिन से पहले राहत की उम्मीद ना करें
एसईसीएल कोरबा क्षेत्र के एक अधिकारी ने तरुण छत्तीसगढ़ को बताया कि बिजली संबंधी व्यवस्था के लिए हाईपावर का जो ट्रांसफार्मर लगाया गया है वह तो फॉल्ट हुआ ही, उसके अलावा एक और ट्रांसफार्मर निष्क्रिय हो गया है। एक महीने में दूसरी बार इस तरह की दिक्कत आई है। कारण बताया गया कि 15 ब्लॉक और पंपहाउस कालोनियों में जरूरत से कहीं ज्यादा खपत बढ़ी है। इसका आंकलन कराया जाएगा। वर्तमान में कम क्षमता के ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कर पानी दे रहे हैं। बिजली के मामले में पांच दिन से पहले राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।

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