एसईसीएल कालोनी में दो दिनों से बिजली गुल, परेशान लोग

बिश्रामपुर। एसईसीएल प्रबंधन की लापरवाह कार्यशैली के कारण दो दिनों से एसईसीएल की बिश्रामपुर आवासीय कालोनी में ब्लैक आउट की स्थिति निर्मित है। बुधवार की देर रात से विद्युत सब स्टेशन में तकनीकी खराबी के कारण कंपनी के दो हजार से अधिक कंपनी आवासों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बंद रहने के कारण कालोनीवासी परेशान है। बता दें कि एसईसीएल की बिश्रामपुर स्थित श्रमिक कॉलोनी में कंपनी के 22 सौ से अधिक आवास निर्मित है। जिनमे स्नेह मिलन के समीप स्थित कंपनी के मेन विद्युत सब स्टेशन से विद्युत आपूर्ति एवं फिल्टर प्लांट से जलापूर्ति की जाती है। इसके अलावा केंद्रीय चिकित्सालय समेत ट्रांजिट हॉस्टल, वीआईपी गेस्ट हाउस, ऑफिसर्स क्लब, डीएवी पब्लिक स्कूल, जीएम आफिस, ऑफिसर्स कॉलोनी एवं विभिन्न श्रमिक कॉलोनी में इस मेन विद्युत सब स्टेशन से विद्युत आपूर्ति की जाती है। बुधवार एवं गुरुवार की दरमियानी रात डेढ़ बजे कंपनी के मेन विद्युत सब स्टेशन में लगे चार एमबीए विद्युत ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण श्रमिक कॉलोनी में विद्युत आपूर्ति ठप हो जाने से ब्लैक आउट की स्थिति निर्मित हो गई थी। संबंधित महकमें की लापरवाह पूर्ण कार्यशैली के कारण दो दिन बाद भी विद्युत व्यवस्था को बहाल नहीं किया जा सकता है। यह बताना लाजिमी होगा कि विद्युत सब स्टेशन में स्थापित पांच एमबीए के विद्युत ट्रांसफार्मर में करीब 20 दिन पहले खराबी आ गई थी। यह विद्युत ट्रांसफार्मर गारंटी अवधि में था, लेकिन संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण इस ट्रांसफार्मर का आज पर्यंत सुधार नहीं हो सका है। यही वजह की वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में करीब 40 घण्टे से श्रमिक कॉलोनी में विद्युत व्यवस्था बाधित रहने से ब्लैक आउट की स्थिति निर्मित है। विद्युत आपूर्ति बाधित रहने की वजह से फिल्टर प्लांट से जलापूर्ति नहीं होने के कारण कॉलोनी वासियों को जल संकट से जूझना पड़ रहा है। विद्युत व्यवस्था बहाल करने के लिए प्रबंधन द्वारा फिलहाल ओसीएम विद्युत सब स्टेशन से पांच एमबीए का विद्युत ट्रांसफार्मर शुक्रवार को मेन विद्युत सब स्टेशन लाया गया है। एसईसीएल का विद्युत महकमा ट्रांसफार्मर को स्थापित करने के कार्य में युद्ध स्तर पर जुटा हुआ है। संबंधित अधिकारियों की माने तो शुक्रवार की देर शाम तक श्रमिक कॉलोनी में विद्युत व्यवस्था बहाल होने की संभावना है। वही जानकारों का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में लगाए जा रहे ट्रांसफार्मर में खराबी आ जाने से कॉलोनीवासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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