
जांजगीर । परिवारों की छोटी-छोटी पारिवारिक समस्याओं के कारण टूटते हुए परिवारों को एक नया रास्ता दिखाने तथा ऐसी समस्याएं गंभीर रूप से धारण न कर ले इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर गठित परिवार परामर्श केद्र में वर्ष 2023 में 870 शिकायतें का निराकरण किया गया। इस दौरान पुलिस के अधिकारी कर्मचारियों, अधिवक्ता, समाज सेवकों सखी वन स्टॉप सेंटर, विधिक वालेंटियर द्वारा लगातार परिवार परामर्श केंद्र में प्राप्त आवेदनों को बड़े ही गंभीरता से लेते हुए बिखरे परिवार को मिलाने की कोशिश की गई। इन परिवार वालों के बीच काउंसिलिंग कराई गई। इस दिशा में परिवार परामर्श में 316 परिवारों के पति पत्नी को बुलाकर परिवार परामर्श केंद्र में बुलाकर सदस्यों द्वारा समझाइश देकर उनकी भावनाओं का आदर करते दोनों बिखरे परिवारों को मिलवाने में सफलता प्राप्त की। आपको बता दें कि आवेदनों के शीघ्र निराकरण के दृष्टिगत जिले में सप्ताह में छह दिन काउंसिलिंग कराकर मामलों का निराकरण किया जा रहा है। जिसके कारण इस जिले में परिवार परामर्श केंद्र के प्रति लोगों में रुचि एवं विश्वास की भावना देखी जा रही है। 870 शिकायतों में 79 प्रकरण ऐसे मिले जिसे परिवार परामर्श के सदस्यों द्वारा सुलझा पाने में सफलता हाथ नहीं लगी। क्योंकि दोनों परिवार के लोग पुलिस अधिकारी व अधिवक्ताओं की बातों को सुनने राजी नहीं हुए। आखिरकार इन मामलों को थाने के सुपुर्द किया गया। यानी ऐसे मामलों में धारा 498 प्रताणना का केस दर्ज किया जा सकता है। साथ ही 345 आवदेनों में न्यायालय जाने की सलाह दी गई। इसके अलावा 130 आवेदन ऐसे पाए गए जिसमें आवेदनों में पक्षकारों के अनुपस्थित रहने पर मामला नस्तीबद्ध किया गया। छोटी-छोटी पारिवारिक समस्याओं के कारण टूटते हुए परिवारों को एक नया रास्ता दिखाने परिवार परामर्श केंद्र का निर्माण किया जाता है। इस केंद्र में 316 परिवारों को टूटने से बचाया है। – विजय अग्रवाल, एसपी



















