कोरबा। कोरबा में धान खरीदी को लेकर जो दावे प्रशासन ने किए थे वे पूरे खोखले साबित हो रहे है। बिगड़े मौसम के बीच धान को बचाने की सारी कवायद बेकार जा रही है। इतना ही नहीं केंद्रो में किसानों से पैसों की अवैध वसूली की जा रही है। अखरापाली खरीदी केंद्र में काफी गड़बडिय़ां उजागर हुई है। हालांकि प्रबंधक और फड़ प्रभारी व्यवस्था सही होने की दलीले पेश कर रहे है।
कोरबा में धान खरीदी का काम सही तरीके से नहीं चल रहा है। बेमौसम बरसात से धान को बचाने की कोशिश प्रशासन ने तो खूब की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बिगड़े मौसम के बीच हमने कोरबा के अखरापाली धान खरीदी केंद्र का निरिक्षण किया जहां धान का विशाल संग्रह था। उठाव न हो पाने की स्थिती में बारिश के कारण कई धान के बोरे भीग गए। इस संबंध में मुन्शीराम सुपरवाईजर ने सारी व्यवस्था सही होने की बात कही। धान खरीदी को लेकर हो रही परेशानियों को लेकर किसानों ने बताया,कि वे सुबह से फड़ पर पहुंचे हुए हैं लेकिन उनके धान को खरीदने के बजाए घुमाया जा रहा है। शाम होने तक उनका धान नहीं खरीदा गया। इतना ही नहीं धान की सुरक्षा के लिए उनसे पैसों की भी मांग की जा रही है। सबसे बड़ी बात यह है,कि बारदानों के बदले किसानों से पैसे लिए जा रहे है। यह हमारा नहीं बल्की किसानों और उनके परिजनों का खुद कहना है। इन सबके बीच जनप्रतिनिधीयों ने,कि किसी भी किसानों को समस्या नहीं होने दी जाएगी और सबका धान खरीदा जाएगा।

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