कोरबा। भले ही शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश को 18 जून से बढ़ाकर 26 जून तक के लिए कर दिया है। इसका पालन सरकारी और सभी निजी स्कूलों को करना है। इसके बावजूद कोरबा में बड़े निजी स्कूल अपने द्वारा वसूल की गई अतिरिक्त फीस को वापस करने से बचने के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लास से जोड़े रखे हैं। मोबाइल से चिपकने के चक्कर में छात्रों को समस्याएं हो रही है। उनके परिजन चिंतित हैं।
तमाम तरह के दावों के विपरित शिक्षा विभाग का निजी स्कूलों पर नियंत्रण नहीं रह गया है, सह साफ तौर पर झलक रहा है। मनमानी फीस वसूली को लेकर पहले ही अभिभावकों के द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई और रोक लगाने को कहा गया लेकिन हुआ कुछ नहीं। ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी मनमानी का दौर जारी रहा। खबर के मुताबिक जिले के अधिकांश बड़े निजी स्कूलों ने छात्रों को एक बार फिर मोबाइल से अटैच कर दिया है। तर्क दिया जा रहा है कि सत्र विलंबित हो रहा है इसलिए ऑनलाइन क्लास से पढ़ाकर बच्चों को ज्ञानी बनाया जा रहा है। जबकि नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को 5 से 6 घंटे मोबाइल से चिपकाए रखना रेटिना और उत्तक के लिए काफी खतरा है।