जांजगीर-चाम्पा। हाउसिंग बोर्ड के लोगों का दिन ब दिन जीना हराम होते जा रहा हैं। क्योंकि कॉलोनी मे ड्रेनेज सिस्टम का बुरा हाल होते जा रहा हैं। कॉलोनी के ढाई सौ से अधिक परिवार के लोग लाखों खर्च कर मकान तो लिये लेकिन सुविधा नाम की चीज नहीं होने से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। विभागीय अफसर सुविधाओं का सब्जबाग दिखाकर सालाना करोड़ों रूपये का टैक्स तो वसूल रहे हैं। लेकिन यह राशि केवल अफसरों के जेब भरने के काम आ रही हैं। विभागीय अफसरों को कॉलोनी की समस्या से कोई सरोकार नहीं हैं। जिसका खामिया जा कॉलोनी वासियोंं को भुगतना पड़ रहा हैं। ज्ञात हो कि कॉलोनी में तकरीबन ढाई सौ परिवार निवास करते हैं। जिसमे से अधिकतर लोग जज, एसडीओपी, डॉक्टर, प्रोफेसर जैसे अफसर ग्रेड के निवासरत हैं। इस बात क ो लेक र कॉलोनी के लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही हैं। खासकर ड्रेनेज सिस्टम को लेकर लोग अच्छेखासे नाराज दिख रहें हैं। कालोनी के निलेश तिवारी ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को केवल जलकर और मेंटेनेंस की राशि पर नजरे टिकी होती हैं। यहां सुविधा बढ़ाने के बजाय उल्टे लोगों क ो गर्त मेंं डालने तुली हुए हैं। मौके पर आकर समस्याओं के निपटारे के बजाये आंख मुंद बैठे रहनते हैं कालोनी के समिति के अध्यक्ष जीपी मिश्रा नेे बताया कि विभागीय अफसर केवल दफतर में बैठकर बड़ी-बड़ी बाते करते हैं। लेकिन मैदानी हकीकत कुछ और ही हैं। कालोनी के लोगों ने बताया कि सालाना लोगों के टैक्स के रूप में विभागीय अफसर एक करोड़ ३० रूपये की वसूली करती हैं। लेकिन यह राशि जाती कहां हैं। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं हैं। लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। लोगों का कहना हैं कि अब उग्र आंदोलन करेंगे।