कोरबा – एक महीने में कोरबा जिले की सड़कों को मरम्मत कर आने-जाने के लायक बनाने के एनएचएआई के आश्वासन के बाद आज कलेक्टर श्रीमती कौशल के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों ने सड़क मरम्मत के कामों का निरीक्षण कर मौके पर समीक्षा की। कल ही कलेक्टर श्रीमती कौशल ने एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में जिले में सड़कों के मरम्मत के काम की धीमी गति पर नाराजगी जताई थी। बैठक में ही कलेक्टर श्रीमती कौशल के कड़े रूख के बाद एनएचएआई के अधिकारियों ने अगले एक महीने में कोरबा जिले की सड़कों को मरम्मत कर आवागमन के लायक बनाने का आश्वासन दिया था।

आज कलेक्टर के निर्देश पर ही कोरबा एसडीएम श्री सुनील नायक, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री ए.के. वर्मा, एनएचएआई के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री डी.डी. परलावार की संयुक्त टीम मरम्मत कार्यों के निरीक्षण के लिये मौके पर गईं ।
इस दौरान टीम ने बरबसपुर से उरगा के बीच सड़क किनारे बन रही नाली की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। एसडीएम श्री सुनील नायक ने नाली निर्माण के दौरान सीमेंट मिक्सचर को ठीक तरह से सांचे में ढालने के लिये वाइब्रेटर का उपयोग करने के निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिये। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि कोरबा-चांपा मार्ग पर एनएचएआई के स्वामित्व वाले खण्ड पर मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मड़वारानी के पास से सड़क पर गड्ढों के भरकर डामरीकरण के काम की गुणवत्ता भी परखी और इस काम को 25 नवम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिये।

एनएचएआई के अधिकारियों ने यह भी बताया कि अगले दो-तीन दिनांे में उरगा की तरफ से सड़क मरम्मत का काम शुरू किया जायेगा। एसडीएम ने 25 नवम्बर तक कोरबा जिले के खण्ड को पूरी तरह रिपेयर करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मरम्मत काम में लगे अधिकारियों ने आज फिर मौके पर एसडीएम श्री नायक को बताया कि उरगा-चांपा मार्ग पर लैंको पावर प्लांट के पास सड़क के दोनो ओर भारी वाहनों की लम्बी कतार लगती है जिसके कारण मरम्मत कार्य प्रभावित होता है। एसडीएम ने तत्काल संबंधित कार्यपालिक दण्डाधिकारी और पुलिस अधिकारियों को भारी वाहनो को हटाने के लिये कार्रवाई करने के निर्देश मौके पर ही दिये।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने कल ही बैठक में सड़कों को मरम्मत कर आमजनों के लिये आवागमन योग्य बनाने अधिकारियों को काम की रफ्तार तेज करने के सख्त निर्देश दिये थे। बैठक में कलेक्टर ने यहां तक चेताया था कि वर्तमान सड़कों की मरम्मत कर उन्हें पूरी तरह आमजनों के आने-जाने लायक नहीं बनाने तक भविष्य की सड़क परियोजनाओं के लिये एनएचएआई या अन्य किसी भी कार्यकारी विभाग को जिला प्रशासन द्वारा अपेक्षित सहयोग करने पर विचार किया जायेगा। कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी कहा था कि सड़को की मरम्मत या निर्माण कार्य में किसी भी तरह की परेशानी आने पर उसे अपने तक ना रखें। वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाकर परेशानियों का निराकरण करायें और समय-सीमा में सड़क मरम्मत के कामों को गुणवत्ता के साथ पूरा करायें।