रायपुर /रायपुर में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन करने जुटे कांग्रेसी नेता चोरी की वारदात का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि कई नेताओं के सामान भीड़ में इधर-उधर हो गए। कुछ नेताओं के साथ हुई घटना से साफ पता चलता है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ में चोर भी घुसे बैठे थे। मौका पाकर नेताओं की जेब से कीमती चीजें इन बदमाशों ने पार कर दी।
दरअसल मामला राजधानी रायपुर के अंबेडकर चौक में आयोजित धरना कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है। देश में बढ़ती महंगाई खाद्य पदार्थों पर लगे जीएसटी, अग्निपथ योजना का विरोध करने पूरे प्रदेश में कांग्रेसियों ने धरना दिया। रायपुर में भी कार्यक्रम हुआ धरना देने के बाद कांग्रेसी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर लौट आया। मगर जब कार्यक्रम खत्म हुआ तो बहुत से नेताओं के बीच खलबली मच गई। किसी का मोबाइल नहीं मिल रहा था तो किसी के महंगे ब्रांडेड जूते गायब थे।

कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के नेता।
कैश हुआ गायब
पुलिस सूत्रों ने बताया कि रायपुर जिला कांग्रेस कमेटी के ग्रामीण अध्यक्ष उधोराम वर्मा की जेब से किसी ने 50 हजार पार कर दिए। बताया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे उधोराम वर्मा को पता ही नहीं चला कि कब उनकी जेब काट ली गई। पुलिस को शिकायत देकर उधोराम वर्मा ने कार्रवाई की मांग की है।


राज्यपाल काे सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन।
पुलिस के लिए चैलेंज

इस प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन के दौरान तमाम विधायक, मंत्री, प्रदेश के बड़े कांग्रेसी नेता पहुंचे हुए थे। इन सभी को सिक्योरिटी प्रदान की गई है, वो पुलिस कर्मी तो साथ आए ही थे। प्रदर्शन की वजह से एक्स्ट्रा फोर्स डिप्लॉय की गई। कार्यक्रम बड़ा था। राजभवन एक प्रतिबंधित इलाका है। आसपास के कई थानों के थानेदार थाने का स्टाफ डीएसपी रैंक के अधिकारी एडिशनल एसपी जैसे अफसर खुद कार्यक्रम के बीच मौजूद थे। सामान चोरी करने वालों का हौसला खाकी को देखकर नहीं डिगा, जहां तमाम वीआईपी और पुलिस खुद मौजूद थी। वहीं चोरी का कांड कर डाला।