कोरबा। जिले के कोरबा एवं कटघोरा वनमंडल में हाथियों की समस्या जारी है। दोनों ही डिविजन में मौजूद 65 हाथियों के दल द्वारा ग्रामीणों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे वे काफी हलाकान है। हाथी समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने वन विभाग द्वारा जिला प्रशासन से जनधन की सुरक्षा की गुहार लगाई है। लेकिन अब तक इस समस्या के समाधान के लिए कोई खास कदम नहीं उठाया जा सका है। फलस्वरूप फसल एवं घरों को नुकसान पहुंचाने का सिलसिला जारी है।
कटघोरा डिविजन के केंदई रेंज में 45 हाथियों का झुंड विचरण करते हुए फसलों को रौंद रहा है। यह दल कल लमना क्षेत्र में मौजूद था। बीती रात आगे बढ़ कर बेलबंधा पहाड़ पहुंच गया। हाथियों का झुंड पहाड़ में रात भर मौजूद था। क्षेत्र हाथियों की चिघांड़ से गूंजता रहा। बेलबंधा पहाड़ में हाथियों की पहुंचने की सूचना मिलने पर वन विभाग सतर्क होने के साथ ही इसकी निगरानी में जुट गया है। इसके लिए दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी बारी-बारी से लगाई जा रही है, जो हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इधर कोरबा वनमंडल में भी 19 सदस्यी गज दल ने दस्तक दे दिया है। यह दल बीती रात डिविजन के कुदमुरा परिक्षेत्र में मौजूद था और कनकीखार में किसानों के खेतों में प्रवेश कर भारी उत्पात मचाते हुए फसलों को तहस-नहस कर दिया। हाथियों के उत्पात से 13 ग्रामीणों को आर्थिक चपत लगी है। कनकीखार में फसल रौंदे जाने की सूचना पर वन विभाग का अमला आज सुबह मौके पर पहुंचा और नुकसानी का सर्वे करने के साथ ही रिपोर्ट तैयार की।