कोरबा । लोकसभा सदस्य ज्योत्सना महंत ने कहा कि केंद्र सरकार का कोयला संकट नहीं होने का बयान आश्चर्यजनक है। कहीं ऐसा तो नहीं कि आस्ट्रेलिया की कंपनी से कोयला आयात कराने के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कोयला संकट देश के साथ प्रदेश व कोरबा जिले में भी है और ऐसे में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का बयान देना बिल्कुल विपरीत है। कोरबा की ही बात करें तो बीते एक माह में कोल इंडिया के चेयरमैन व सेक्रेटरी ने खदानों का दौरा किया, वहीं उत्पादन के दावे की पोल खुलती नजर आ रही है। एसईसीएल के कुसमुंडा व गेवरा खदानों में अधिकारी एक पखवाड़े से उत्पादन बढ़ाने को लेकर कवायद कर रहे है, लेकिन नतीजा क्या है। जानकारी मिली है कि कुसमुंडा व गेवरा की खदानों से विद्युत संयंत्र को कोयला की आपूर्ति भी ठीक ढंग से नहीं हो पा रही है। कुसमुंडा में रोड सेल से दी जाने वाली कोयला की आपूर्ति भी 15 दिनों से बंद है और अब यही स्थिति गेवरा खदान में भी उत्पन्ना होने की संभावना है। महंत ने कहा कि दीपका व गेवरा परियोजना में लगातार धरना पर बैठे भूमि पुत्रों की समस्याओं को भी जल्द सुलझाने की जरूरत है। इस पर एसईसीएल के जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता पूर्वक ध्यान देना चाहिए।

जिले में सड़कों की दयनीय हालत पर भी चिंता व्यक्त करते हुए महंत ने कहा है कि सड़कों के मामले में कलेक्टर रानू साहू से चर्चा हुई है। कलेक्टर ने बारिश के थमते ही सड़कों का सुधार व निर्माण कार्य शीघ्रता से पूर्ण कराने की बात कही है।

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