कोरबा। प्रदेश के प्रथम कोरोना हॉट स्पॉट के रूप में चर्चित हुए कोरबा जिले में 130 से ज्यादा मौत और कई हजार संक्रमित होने के बाद स्थिति नियंत्रण में है। कोरोना वैक्सीन की पहली खेप पहुंचने के साथ फ्रंट लाइन वर्कर्स को इससे लाभान्वित किया जा रहा है। हालांकि संख्या कम बताई जा रही है। टीकाकरण की प्रगति जानने के लिए संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं आज कोरबा पहुंचे। उन्होंने यहां कामकाज का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
कोरबा जिले को सरकार ने प्रथम चरण में 10 हजार कोरोना वैक्सीन उपलब्ध करायी है। कोरबा के जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानक के अनुसार इसकी मात्रा उपलब्ध करायी गई। 16 जनवरी से टीकाकरण का काम शुरू किया गया। जो पैरामीटर्स बनाए गए हैं उसके अंतर्गत कोरोना पीडि़तों का उपचार करने और ऐसे मामलों में जरूरी सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य, आईसीडीएस और पुलिस के अधिकारी और कर्मियों को सबसे पहले कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। इन्हें सूचीबद्ध करने के साथ संदेश भेजा जा रहा है और नीयत तिथि पर उपस्थिति दर्ज कराने को कहा जा रहा है। इस हिसाब से संबंधित केंद्रों में प्रक्रिया पर काम जारी है। सरकार ने सभी जिलों में टीकाकरण की प्रगति की जानकारी लेने और कामकाज की स्थिति देखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दायित्व दे रखा है। संयुक्त संचालक बिलासपुर संभाग ठाकुर अमर सिंह, इस कड़ी में यहां पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में टीकाकरण कार्य के लिए की गई व्यवस्था और इससे जुड़े कार्यों का अवलोकन किया। सीएमएचओ डॉ. बी.बी.बोर्डें और टीकाकरण अधिकारी से जरूरी जानकारी ली। 16 जनवरी से अब तक जिले में किये गए टीकाकरण का ब्यौरा प्राप्त किया गया। संयुक्त संचालक ने अस्पताल की अन्य व्यवस्था भी देखी।

प्रथम आईएसओ सर्टिफाइड चिकित्सालय की पहचान
पॉवर सिटी के जिला अस्पताल को प्रदेश में प्रथम आईएसओ 9001-2000 सर्टिफिकेट के रूप में बीते वर्षों में पहचान मिली। कायाकल्प योजना के अंतर्गत अलग-अलग वरीयता में चिकित्सालय को पुरस्कार के रूप में बड़ी राशि प्राप्त हुई है। कलेवर में सुधार के साथ हाल में ही माड्यूलर ओटी, बर्न यूनिट और डायलिसिस यूनिट भी यहां पर स्थापित हुई है।