कोरबा। अनाज उत्पादन की प्रक्रिया में नुकसान रहित उत्पाद की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। जैविक खाद वर्तमान की बड़ी आवश्यकता बन रही है। कटघोरा अनुविभाग के घुंचापुर के कृषि विभाग ने किसानों के समूह को जैविक खाद तैयार करने को लेकर प्रशिक्षण दिया। उपसंचालक कृषि जेडी शुक्ला के अलावा एसडीओ और एआरईओ मुख्य रूप से प्रशिक्षक की भूमिका में उपस्थित हुए। बताया गया कि कई क्षेत्रों में ऐसे प्रशिक्षण लाभकारी साबित हुए हैं। किसानों को इसका लाभ हुआ। रसायनिक खाद से उत्पाद को होने वाले नुकसान के विकल्प में जैविक खाद अब काफी सार्थक साबित हो रही है। कृषि विभाग ने किसानों को खाद बनाने के तौर तरीके, प्रति एकड़ में इसका उपयोग और उत्पादकता के स्तर पर होने वाले लाभ की जानकारी दी।