रायपुर। हाई ग्रेड कोयले की हेराफेरी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कोयला चोर कोयले में बजरी और पत्थर मिला रहे थे। ट्रक में हाई ग्रेड कोयले की जगह बजरी और काली डस्ट लोड की जाती थी। वहीं वजन बढ़ाने के लिए पानी का छिड़काव भी किया जाता था।

गौरतलब है कि साउथ अफ्रीका से आने वाले अच्छी क्वॉलिटी के कोयले को बदलकर घटिया क्वॉलिटी का कोयला सप्लाई करने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। बजरंग पॉवर एंड इस्पात कंपनी प्रबंधन की ओर से मिली शिकायत के बाद खमतराई इलाके में स्थित एक यार्ड में पुलिस ने रंगे हाथों 8 आरोपियों को दबोचा, जबकि मास्टरमाइंड ट्रांसपोर्टर प्रीतम सरदार और यार्ड मालिक सरफराज फरार है।

आरोपी राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई पॉवर प्लांटों में साउथ अफ्रीका से आने वाले अच्छी क्वॉलिटी के कोयले की जगह घटिया क्वॉलिटी का कोयला मिलाकर सप्लाई कर रहे थे। ये लोग अच्छे कोयले की जगह कोयले का चूरा तक मिला रहे थे। इनके कारनामों का खुलासा तब हुआ जब बजरंग पॉवर एंड इस्पात कंपनी प्रबंधन ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस पहुंची खमतराई थाना इलाके के मेंटल पार्क स्थित एक यार्ड में, जहां ये पूरी धोखाधड़ी को अंजाम दी जाती थी। पुलिस ने रंगे हाथ एक ड्राइवर समेत 8 आरोपियों को धर दबोचा, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड ट्रांसपोर्टर और यार्ड मालिक सरफराज चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से 4 ट्रक और एक जेसीबी भी जब्त की है।

आरोपियों से शुरूआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पिछले कई सालों से यार्ड मालिक सरफराज के साथ मिलकर ट्रांसपोर्टर कई पॉवर प्लांटों को करोड़ों का चूना लगा रहा था। खेल कुछ इस तरह अंजाम दिया जाता था। अच्छे कोयले को ट्रक में से आधा उतार कर जेसीबी की मदद से ट्रक की निचली सतह पर घटिया क्वालिटी का कोयले का चूरा बिछाया जाता था।

उसके ऊपर साउथ अफ्रीका से आने वाले अच्छे कोयले को डाल देते थे और उस पर पानी का छिड़काव कर देते थे, जिससे घटिया क्वॉलिटी का कोयला मिक्स हो जाता था। पुलिस को आशंका है कि मास्टरमाइंड ट्रांसपोर्टर और यार्ड मालिक की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते है, जिसके लिए वो इनकी तलाश में जुटी है।