
बिश्रामपुर। सीएम के तल्ख निर्देश के बावजूद एसईसीएल की अमेरा ओपनकास्ट परियोजना से व्यापक पैमाने पर जारी कोयला चोरी की वारदात थमने का नाम नही ले रही है। जान जोखिम में डालकर ओबी पहाड़ी से 90 से सौ फिट नीचे कोल फेस में उतरकर सैकडों की संख्या में ग्रामीण महिला पुरुषों द्वारा भारी पैमाने में कोयला चोरी कर ले जाने से अनहोनी की आशंका को लेकर खान प्रबंधन चिंतित और परेशान है। रोजाना सैंकड़ो टन कोयला चोरी होने से कंपनी को भारी क्षति हो रही है। वहीं कोयला चोरी की वजह से कोयला उत्पादन प्रभावित होने से कंपनी को अपूरणीय क्षति हो रही है।
अधिग्रहित भूमि का आधिपत्य मिल पाने में आ रही अड़चनों का कारण पांच साल से भी अधिक समय से बन्द एसईसीएल की अमेरा ओपनकास्ट परियोजना में काफी मशक्कत के बाद बीते एक जनवरी को कोयला उत्पादन प्रारंभ हुआ है। खदान से कोयला उत्पादन शुरू होते ही इलाके में कोल माफिया सक्रिय हो गए है। कोल माफियाओं के प्रलोभन में आकर कमाई के लालच में खदान से लगे गावों के दो तीन सौ की संख्या में ग्रामीणों द्वारा जान जोखिम में डालकर ओबी (ओवर बर्डन) पहाड़ी से नीचे उतरकर प्रतिबंधित कोल फेस से जबरन कोयला चोरी की जा रही है। चोरी के कोयले को कोल माफिया रात में ट्रकों के जरिये कथित पुलिसिया संरक्षण में बेरोकटोक कोयला तस्करी का कार्य को अंजाम दे रहे हैं। जानलेवा हादसे की संभावना से चिंतित क्षेत्रीय महाप्रबन्धक अजय तिवारी सरगुजा एसपी से मुलाकात कर कोयला चोरी पर रोक लगाने की गुजारिश भी कर चुके है, लेकिन कोयले का काला कारोबार थमने का नाम नही ले रहा है। बता दें कि उक्त खदान से ओबी उत्पादन व कोयला उत्पादन करने अहमदाबाद गुजरात की मेसर्स सीसी प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से सात साल के लिए 795 करोड़ में अनुबंध किया गया है। उसके बाद विगत 27 सितंबर को ठेका कंपनी ने 16 हेक्टेयर भूमि से सात लाख टन कोयला उत्पादन करने ओबी उत्पादन करने का काम शुरू किया था। जहां से बीते एक जनवरी से कोयला उत्पादन शुरू किया गया है।
खदान से कोयला उत्पादन शुरू होते ही खदान के आसपास ग्रामों के ग्रामीण महिला, पुरुष व नाबालिक किशोर, किशोरियां जान जोखिम में डालकर ओबी पहाड़ी से नीचे उतरकर जबरन भारी मात्रा में कोयला चोरी कर ले जाने से खान प्रबंधन की मुसीबत बढ़ती जा रही है। चोरी का विरोध करने पर ग्रामीण सुरक्षा कर्मियों व कामगारों से मारपीट करने पर उतारू हो जाते है। प्रतिबंधित क्षेत्र में जबरन घुसकर कोयला चोरी की वजह से जानलेवा हादसा घटना घटित होने की आशंका से चिंतित प्रबन्धन ने संबंधित सूचना लखनपुर थाना में देकर कई बार कार्यवाही की मांग कर चुका है, लेकिन कार्यवाही के अभाव में खदान से कोयला चोरी बदस्तूर जारी है। सत्ता पलट के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अवैध कारोबार और करप्शन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश प्रशासनिक अधिकारियों को दिए थे। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी से लेकर दिग्गज भाजपा नेताओं ने सभाओं में बघेल सरकार पर अवैध कारोबार को संरक्षण देने के साथ ही भ्रष्ट सरकार करार देते हुए भाजपा सरकार बनने पर अवैध कारोबार व करप्शन पर रोक लगाने का वादा भी किया था। उसके बावजूद अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी रहने के कारण लोगो मे इसकी जमकर चर्चा हो रही है। वही भाजपा सरकार की फज़ीहत भी हो रही हैं। यह सच है कि समूह बनाकर ग्रामीण महिला पुरुष अमेरा खदान में जबरन घुसकर भारी मात्रा में कोयला चोरी कर रहे है। विरोध करने पर वे मारपीट पर उतारू हो जाते है। ओबी पहाड़ी से उतरकर कोयला चोरी करना कभी भी भयंकर हादसे का कारण बन सकता है। हमने इस संबन्ध में सरगुजा एसपी को भी अवगत करा कोयला चोरी पर अंकुश लगाने कारगर कार्यवाही करने की गुजारिश की है। वहीं कोयला चोरी को लेकर लखनपुर थाने में भी लगातार शिकायत देकर कार्यवाही की मांग की जा रही है। उसके बावजूद कोयला चोरी नही थमने से कंपनी को भारी क्षति हो रही है। खदान से कोयला चोरी का मामला संज्ञान में है। कोयला चोरी रोकने के लिए हमने पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। वही एसईसीएल प्रबंधन को कोयला चोरी रोकने खदान में फेंसिंग करने समेत लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने एवं सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कोयला चोरी में लगे ग्रामीणों को समझाईश देने की कोशिश की जा रही है। कोयला तस्करी करने वालो के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।





















