कोरबा। करतला विकासखंड के देवरी सारबहार कोराई में श्रीमद् भावगत कथा का आयोजन ग्रामीणों ने किया है। कथा के अंतर्गत यहां रुक्मणी मंगल प्रसंग पर बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति दर्ज हुई। गीत-संगीत और भजन के साथ अपनी खुशी जताई।
पंडित भूषण कृष्ण शास्त्री के द्वारा यहां कथा प्रस्तुत की जा रही है। कथा प्रारंभ से अब तक शुक झांकी, कपिल चरित्र, वामन झांकी, प्रहलाद चरित्र, श्री कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग लोगों ने सुना। कथा वाचक ने जीवन में श्रीमद भागवत के माध्यम से आनंद एवं परमानन्द की प्राप्ति का उपाय बताया। षष्ठम दिवस में रुक्मणी विवाह के प्रसंग में उन्होंने कहा कि अगर भगवान को पाना है तो समर्पण बहुत जरूरी है जिस तरह माता रुक्मणी के पूर्ण समर्पण भाव के कारण उन्हें श्री कृष्ण प्राप्त हुये। आज हम सभी श्री कृष्ण और माता रुक्मणी के विवाह का मंगल उत्सव मना रहे हैं। जो भी मनुष्य भगवान के उत्सव में सम्मिलित होते हैं। उनका जीवन मंगलमय हो जाता है।भगवान कृष्ण और रुक्मणी का विवाह आदर्श प्रेम का प्रतीक है। भगवान कृष्ण और माता रुक्मणी का विवाह एक आदर्श विवाह है। रुक्मणी साक्षात लक्ष्मी और कृष्ण साक्षात नारायण हैं। इस अवसर पर श्री कृष्ण रुक्मणी की आकर्षक झांकी, विवाह गीत भजन की अद्भुत प्रस्तुति वृंदावन से आये कलाकारों द्वारा की गई जिसे देखकर ग्रामवासी श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गये और विवाह गीत भजन पर झूमकर नृत्य किये। कथा में बड़ी संख्या में ग्रामवासी श्रोतागण कथा श्रवण कर पुण्यलाभ प्राप्त कर रहे हैं। कथा के अंत मे श्रीमद भागवत भगवान जी की आरती कर भोग प्रसाद वितरण किया गया। गुरुवार को सहस्त्रधारा एवं भोग भंडारे के आयोजन के साथ कथा को विश्राम दिया जायेगा।आयोजक बूंदराम यादव एवं मान कुअर यादव सहित स्थानीय लोगों का सहयोग इस अनुष्ठान में प्राप्त हो रहा है।

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