
जांजगीर-चांपा। कन्हाईबंद नैला के ग्रामीण अपने गांव में स्थित महावीर कोलवॉशरी के चलते व्याप्त समस्या को लेकर अच्छे खासे परेशान हैं। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कलेक्टोरेट में की थी, लेकिन ग्रामीणों की सुनवाई नहीं होने से अब उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने बताया कि चार साल पहले कन्हाईबंद में महावीर कोलवाशरी खुली है। इसके कारण ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों ने दो चार होना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मानें तो पहले तों उन्हें, बनारी जाने के लिए जो रास्ता बना था उसे बंद कर दिया गया है। जिसे लेकर परेशान हैं। वहीं दूसरी ओर यहां के लिए जो भीमकाय वाहनें चल रही है उसके धूल से अच्छे खासे परेशान हैं। क्योंकि वाहनों से उड़ रही धूल में पानी की तराई नहीं की जाती है। जिसके चलते लोगों को दमा स्वांस इस तरह और भी कई बीमारी उत्पन्न हो रही है। कांग्रेस नेता प्रभाकर तिवारी, भूमि प्रभावित किसान खोलबहरा बरेठ व झुमुक बाई ने बताया कि कोलवाशरी ने पहले नाला को कब्जा किया। जिससे ग्रामीणों की निस्तारी बंद हो गई। इसके बाद सड़क में भीमकाया वाहनें चलती है। जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही है। तीसरी समस्या किसानों के रास्ते को बंद कर दिया गया है। जिससे लोगों का आवागमन बंद है। चौथी समस्या मवेशियों की चरागन की समस्या है। ग्रामीण अब अपने मवेशियों को घर में बांधकर रखने मजबूर हैं। पांचवीं समस्या कोलवाशरी से निकलने वाले काला पानी को तालाब में छोड़ा जा रहा है।































