वाशिंगटन, 01 अप्रैल [एजेंसी]।
चीन में जानवरों के मांस की दुकानें फिर से खुल गई हैं। मानव उपभोग के लिए चमगादड़, पैंगोलिन और कुत्तों के मांस को बेचा जा रहा है। यह कदम खतरनाक है क्योंकि वैज्ञानिकों का मानना है कि ष्टह्रङ्कढ्ढष्ठ-19 पैदा करने वाला कोरोना वायरस पहले चीन में चमगादड़ों के झुंड में जाता था और मनुष्यों को होने से पहले पहले दूसरे जानवरों से होकर गुजरता है। विभिन्न रिपोर्टों से पता चलता है कि चीन के हुबेई प्रांत के एक 55 वर्षीय व्यक्ति एक ऐसे वेट मार्केट के जरिये ष्टह्रङ्कढ्ढष्ठ-19 से संक्रमित होने वाले पहले व्यक्ति हो सकते हैं। वाशिंगटन एग्जामिनर ने ए मेल ऑन सन्डे के एक संवाददाता के हवाले से कहा- बाजार ठीक उसी तरह से काम कर रहे हैं जैसे कि वे कोरोना वायरस के फैलने से पहले खुल रहे थे। हालांकि, बाजारों में गार्ड्स की चौकस निगाहें हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि खून से लथपथ फर्श, कुत्तों और खरगोशों के कत्लेआम की तस्वीरें कोई भी नहीं खींच सकें। इसके साथ ही डरे हुए जानवरों की पिंजरों में कैद तस्वीरें भी किसी के सामने नहीं आ सकें।
चीन के वुहान में हुआन सीफूड मार्केट को कोरोना वायरस फैलने का केंद्र माना जाता है, जिसने दुनिया को तबाह कर दिया। इस वायरस के प्रकोप से पूरी दुनिया में करीब 41 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 12 जनवरी को एक बयान में कहा था- यह प्रमाण बहुत संकेत देता है कि प्रकोप वुहान के एक सी फूड बाजार से जुड़ा है। चार महीने बाद भी महामारी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इस बीच बीजिंग बिना किसी रोगजनक टीकाकरण के वायरस को काबू करने का जश्न मना रहा है। चीन स्थित एक संवाददाता के हवाले से वाशिंगटन एग्जामिनर ने कहा- यहां हर कोई मानता है कि इस वायरस का प्रकोप खत्म हो गया है और अब चिंता की कोई बात नहीं है।
यह अब तक एक विदेशी समस्या है। कई वैज्ञानिकों, चिकित्सा विशेषज्ञों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने चीन के वेट मार्केट पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया है, लेकिन एशियाई देश अपनी गलतियों से नहीं सीखे हैं।