कौन होगा मणिपुर का नया मुख्यमंत्री, राज्यपाल से मिला भाजपा प्रतिनिधिमंडल, जल्द होगा सीएम के नाम का ऐलान

इंफाल। मणिपुर में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह द्वारा रविवार को इस्तीफा दिए जाने के बाद उत्पन्न नेतृत्व संकट के बीच भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की। मुलाकात में क्या हुआ इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। विधायकों ने कहा कि नए मुख्यमंत्री के बारे में पार्टी हाईकमान फैसला लेगा। कांग्रेस ने अनुच्छेद 174 (1) का उल्लेख करते हुए कहा है कि विधानसभा सत्र नहीं बुलाकर राज्यपाल संवैधानिक अनिवार्यता की अनदेखी कर रहे हैं। भाजपा के उत्तरपूर्व प्रभारी संबित पात्रा और प्रदेश पार्टी अध्यक्ष ए शारदा देवी ने राजभवन में राज्यपाल भल्ला से मुलाकात की। पात्रा के साथ बैठक करने के बाद भाजपा विधायक सपाम केबा और के इबोमचा ने कहा कि उन्होंने केंद्र से राज्य में शांति बहाली का प्रयास करने का आग्रह किया है। कानून विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अभी तक किसी ने भी सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है जिससे मणिपुर संवैधानिक संकट की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल 12वीं मणिपुर विधानसभा के सातवें सत्र को पहले ही निरस्त घोषित कर चुके हैं। विधानसभा सत्र 10 फरवरी से शुरू होने वाला था। पिछला सत्र 12 अगस्त, 2024 को समाप्त हुआ था।कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि संवैधानिक रूप से विधानसभा सत्र शुरू करने के लिए मंगलवार अंतिम दिन था। तब राष्ट्रपति शासन ही एकमात्र विकल्प होगा।सुप्रीम कोर्ट के वकील अरुनभ चौधरी ने कहा कि मणिपुर में विधानसभा न तो निलंबित है न ही राष्ट्रपति शासन लागू है। अनुच्छेद 174 के अनुसार, विधानसभा के एक सत्र से दूसरे सत्र के बीच छह महीने की ज्यादा की अवधि नहीं होनी चाहिए। छह महीने बाद अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन लागू करना ही एकमात्र विकल्प है। राज्य सरकार ने कहा कि दुष्प्रचार में नहीं फंसे लोग मणिपुर सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। मुख्य सचिव पीके सिंह ने कहा कि सरकार को ध्यान में आया है कि कुछ अवांछित व्यक्ति और समूह अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
लागों के बीच झूठी सूचना फैलाकर भय पैदा कर रहे हैं।

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