जांजगीर-चांपा। खरीफ फसल की कटाई और मिजाई के बाद खेत-खलिहानों में पैरा रखा हुआ है। जिसे किसानों ने न तो जलाने और न ही उसे सड़ाने का संकल्प लिया है, बल्कि सुराजी गांव के तहत बनाई गई गोठानों उनके ही गांव के पशुओं को यह पहुंचाएंगे। किसानों ने स्वप्रेरित होते हुए 1065 क्विंटल पैरा गोठान में पहुंचाने का काम भी किया है, जिससे गोठानों में रहने वाली गायों को पर्याप्त पैरा मिलने लगा है।
मुख्यमंत्री हर मंच पर किसानों, ग्रामीणों से अपील करते आ रहे हैं कि पैरा को जलाए नहीं बल्कि गायों के लिए उसका दान करते हुए पुण्य लाभ कमाए। उनकी मंशा के अनुरूप ही जिला कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. ज्योति पटेल लगातार किसानों को प्रेरित कर रही हैं और उनसे गोठान में ही पैरा का दान करने कह रही है। जिसका असर किसानों, ग्रामीणों में दिख रहा है। नवागढ़ विकासखण्ड की ग्राम पंचायत अकलतरी के किसान अश्वनी कश्यप ने 1 टैऊक्टर पैरा का दान गोठान में किया। वहीं ग्राम पंचायत गौद के किसान धनीराम कहरा ने 1 ट्रैक्टर पैरा अपने खेत से गोठान में पहुंचाया। जनपद पंचायत पामगढ़़ के ग्राम पंचायत लोहरसी के किसान रेवाराम पटेल के द्वारा गोठान में जाकर पैरादान किया। इसी प्रकार बम्हनीडीह जनपद पंचायत के किसान संतोष राठौर, पुरषोत्तम राठौर, ईश्वर गुप्ता, संतोष धीवर, राजकुमार चंद्रा, जवाहर राठौर, तुलसी राठौर, टेकराम राठौर आदि किसानों ने खेत में पड़े हुए पैरा को नहीं जलाने का संकल्प लेते हुए पैरा को गायों को खाने के लिए गोठान में पहुंचा रहे हैं।