अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर डिएगो माराडोना का दिल का दौरा पड़ने से साल 60 की उम्र में निधन हो गया. बता दें कि माराडोना को सेहत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में माराडोना के कई टेस्ट किए गए. एक स्कैन में ब्रेन में ब्लड क्लॉट की बात सामने आई थी. इसके बाद उनकी ब्रेन सर्जरी की गई थी. बाद में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी. कुछ दिनों पहले माराडोना का कोरोना टेस्ट हुआ था लेकिन उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी.

माराडोना चार फीफा विश्व कप खेल चुके थे. साल 1986 में उन्होंने अर्जेंटीना को फुटबॉल का विश्व कप जिताया था. साल 1986 में जब अर्जेंटीना ने विश्व कप के खिताब पर कब्जा जमाया था तब वे टीम के कप्तान थे.

30 अक्टूबर को माराडोना ने अपना 60वां जन्मदिन मनाया था. ड्रग और अल्कोहल के आदि रहे माराडोना को हाइ रिस्क मरीज़ के तौर पर देखा जाता था. कुछ दिनों पहले एक बॉडीगार्ड को कोरोना वायरस के लक्षण नज़र आने के बाद माराडोना पिछले हफ्ते दूसरी बार सेल्फ आइसोलेशन में गए थे.

माराडोना को सबड्यूरल हेमेटोमा था, जिसका मतलब एक झिल्ली और मस्तिष्क के बीच रक्त जमा होना है और 3 नवंबर को ही उनकी सर्जरी हुई थी. सर्जरी के एक सप्ताह बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी