गरियाबंद /छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया है। यहां नक्सलियों ने टैंक निर्माण में लगी कई गाड़ियों को आगे के हवाले कर दिया और मौके से भाग निकले। मौके से एक मुंशी भी लापता है। जिस वजह से उसके अपहरण की आशंका है। घटना अमलीपदर थाना क्षेत्र के पीपलखुटा की है। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, पीपलखुटा गांव में सिंचाई विभाग लगभग 4 करो़ड़ की लागत से टैंक निर्माण का काम कर रहा है। इसके लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया गया है। कंपनी अपने कर्मचारियों और मजदूरी के साथ मिलकर इस टैंक निर्माण के काम में लगी हुई है।

शाम 5.30 बजे पहुंचे थे हथियारबंद नक्सली
बुधवार को भी सभी कर्मचारी और मजदूर काम कर रहे थे। तभी शाम करीब 5.30 बजे कुछ हथियारबंद नक्सली मौके पर पहुंचे और उन्होंने डराते धमकाते हुए, वहां खड़ी ट्रैक्टर, एक चेन माउंटेन समेत कुछ अन्य गाड़ियों को आगे के हवाले कर दिया। गाड़ी पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं।

सिंचाई विभाग ने की घटना की पुष्टि
आस-पास के लोगों ने बताया कि घटना के बाद से ही यहां काम कर रहा मुंशी चैतन्य वर्मा लापता है। उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। सिंचाई विभाग के अफसरों ने घटना की पुष्टि की है। मगर पुलिस की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है। कंपनी ने आशंका जताई है कि नक्सलियों ने मुंशी का अपहरण कर लिया है। फिलहाल पुलिस की टीम जांच में जुटी है।
आमतौर पर नक्सली बस्तर इलाके में इस तरह की घटना को अंजाम देते रहे हैं। मगर गरियाबंद में इस तरह से आगजनी कर नक्सलियों ने पुलिस को भी चौकाया है। नक्सली इस घटना के माध्यम से यह संकेत देना चाह रहे हैं कि प्रशासन और पुलिस भले ही लाख दावे करे, लेकिन गरियाबंद में नक्सली अब भी मौजूद हैं।

देवभोग-रायपुर रोड किया था बंद
इसके पहले नक्सलियों ने जुगाड़ थाना क्षेत्र में देवभोग-रायपुर मार्ग बंद कर दिया था। नक्सलियों ने यहां कई जगह पर पेड़ गिरा दिए थे। जिसकी वजह से आवागामन प्रभावित हुआ था। हालांकि खबर लगते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी और पेड़ को हटा गया था। वहीं नक्सली पहले भी जिले के अंदरूनी इलाकों में छोटे-छोटे रास्ते को पेड़ काटकर जाम करने का प्रयास करते रहे हैं।

Previous articleकोरबा कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने किया बालको संचालित चलित स्वास्थ्य इकाई का उद्घाटन
Next articleकोरोना संक्रमण:निजी स्कूल की शिक्षिका मिली काेराेना पाॅजिटिव