कोरबा। टुंड्री गांव की रहने वाली एक गर्भवती महिला के सेंपल की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। आज उसे कोरबा के ईएसआईसी कोविड हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। इसके साथ ही अन्य जिलों में पाए जा गए पॉजिटिव मरीजों को भी यहां एडमिट किया गया है। एम्स और माना के कोविड हास्पिटल के दबाव को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रीय स्तर पर व्यवस्था की है।
जानकारी के अनुसार संक्रमित गर्भवती महिला नवागढ़ विकासखंड के टुंड्री की निवासी है। भारत सरकार द्वारा प्रवासी कामगारों की वापसी के लिए चलाई जा रही ट्रेनों के माध्यम से वे अपने इलाके में लौट रहे हैं। संबंधित महिला के बारे में बताया गया है कि 25 मई को आई टे्रन से उसकी वापसी हुई थी। वह अपने परिजनों के साथ दिल्ली गई हुई थी। कई महीने वहां रहने के बाद लॉकडाउन में फंस गई। नई दिल्ली में मरकज के मामले के साथ वहां कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई। ऐसे प्रकरणों का विस्तार लगातार हुआ। अपने आपको सुरक्षित रखे लोगों को आशंका थी कि वे भी संक्रमित के शिकार हो सकते हैं। आखिर यह आशंका सच साबित हुई। बताया गया कि संक्रमित महिला को प्रशासन ने खोखसा के क्वारंटाइन सेंटर में ठहराया था। इसके साथ ही उसके सेंपल जांच के लिए एम्स भेजे गए थे। इसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने पर प्रशासन ने महिला को कोरबा के कोविड हास्पिटल भेज दिया। उसे विशेष सुरक्षा इंतजाम के साथ यहां भर्ती कराया गया है।
जानकारी दी गई है कि अब न केवल कोरबा बल्कि रायगढ़, जशपुर और जांजगीर-चांपा जिले में मिलने वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों को कहीं और भेजने के बजाय सीधे कोरबा में दाखिल किया जाएगा। यहां राज्य कर्मचारी बीमा निगम के द्वारा 100 बिस्तर क्षमता का अस्पताल तैयार किया गया है। बीते वर्ष इसके लोकार्पण की तैयारी थी लेकिन चुनाव की आचार संहिता के चक्कर में यह काम लंबित रह गया। अब कोरोना इफेक्ट को देखते हुए राज्य में कई तरह के बदलाव किये गए हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में ईएसआईसी अस्पताल का उपयोग कोरोना संक्रमितों को ठीकठाक करने के लिए किया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल के तहत जो संसाधन उपलब्ध कराए जाने हैं, उसकी व्यवस्था यहां पर की गई है।

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