जयपुर, २5 नवंबर [एजेंसी]।
राजस्थान में कांग्रेस के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को लेकर टिप्पणी कर दी। इसके बाद से कांग्रेस का यह विवाद एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। कांग्रेस के लिए राजस्थान में यह विवाद काफी पुराना है। कुछ दिन पहले भी यह विवाद सामने में आया था जब विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, उस समय मामले को शांत कर लिया गया था। इस बार भी कांग्रेस की ओर से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की विवाद पर प्रतिक्रिया आई है। सचिन पायलट को गद्दार कहने पर कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को सुलझाएगी। अपने बयान में जयराम रमेश ने कहा अशोक गहलोत एक वरिष्ठ और अनुभवी राजनीतिक नेता हैं। उन्होंने अपने छोटे सहयोगी सचिन पायलट के साथ जो भी मतभेद व्यक्त किए हैं, उन्हें कांग्रेस को मजबूत करने वाले तरीके से हल किया जाएगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने एक विशेष साक्षात्कार में एनडीटीवी को बताया, एक गद्दार (देशद्रोही) मुख्यमंत्री नहीं हो सकता। हाईकमान सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बना सकता ज् एक आदमी जिसके पास 10 विधायक नहीं हैं। किसने विद्रोह किया। उन्होंने पार्टी को धोखा दिया, (वह) देशद्रोही हैं। पिछले कुछ समय से गहलोत और पायलट के समर्थकों के बीच कांग्रेस में उठापटक तेज हो गई है। हालांकि इससे पहले भी गहलोत और पायलट खेमे के नेताओं के बीच गद्दार, पंजीकृत दलाल, चरित्रहीन, आदि जैसे शब्द उछाले जा चुके है।
ये पहली बार नहीं है जब गहलोत ने पायलट के लिए इस तरह के एक्सप्रेशंस का इस्तेमाल किया है। 2020 में पायलट के विद्रोह के बाद, राजस्थान के सीएम ने पायलट को “निकम्मा” और “नकारा” (बेकार और बेकार) करार दिया था।
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