कोरबा। गौवंश के प्रति श्रद्धा समर्पण दिखाने का काम गोपाष्टमी पर हुआ। विभिन्न क्षेत्रों में संचालित गौशालाओं एवं गौठान के साथ-साथ गौ पालकों ने अपने घरों में गायो की पूजा की। आज सुबह से शुरू हुआ यह सिलसिला शाम तक चलता रहेगा।
कोरबा जिले के पोड़ीउपरोड़ा विकासखंड के अंतर्गत केंदई में संचालित स्वामी भजनानंद आदर्श गौशाला में गोपाष्टमी पर्व कार्तिक अष्टमी को मनाया गया। सुबह नौ बजे विधि विधान के साथ इसकी शुरूआत हुई। आश्रम संचालन से जुड़े सदस्यों ने यहां के गौवंश की पूजा की। स्वामी भजनानंद ने कई दशक पहले यहां पर गौशाला का शुभारंभ किया था। तब से यह परंपरा जारी है। मृत्युंजय आश्रम अमरकंटक से आये प्रतिनिधियों के अलावा जिले के लोगों ने केंदई पहुंचकर गोपाष्टमी मनायी। यहां के गौवंश की पूजा अर्चना करते हुए आरती उतारी गई और उन्हें कई प्रकार के पकवान अर्पित किये गए। जिले में कुदूरमाल, भवानी मंदिर दर्री, अग्रसेन गौशाला कनबेरी सहित 100 से अधिक गौठान में आज गोपाष्टमी खास रही। काफी संख्या में लोग यहां उपस्थित रहे। धर्माचार्यों ने उन्हें बताया कि गाय एक प्राणी से अलग हटकर हमारे जीवन मूल्य का हिस्सा है। पंचगव्य की उपयोगिता बताने के साथ विभिन्न क्षेत्र में उसकी भूमिका की जानकारी दी गई। प्रदेश सरकार के द्वारा चलायी जा रही गौठान योजना के संचालन से जुड़े लोगों ने भी गोपाष्टमी पर गौवंश के बेहतर संरक्षण का संकल्प लिया।
कनबेरी में रहा उत्सव जैसा वातावरण
जिला मुख्यालय के करीब कनबेरी गांव में आज उत्सव जैसा वातावरण बना रहा। यहां अग्रवाल सभा कोरबा के द्वारा अग्रसेन गौशाला का संचालन सेवा समिति कर रही है। यहां पर सैकड़ों की संख्या में गायों को रखने के साथ पालन पोषण किया जा रहा है। परंपरा के अंंतर्गत यहां कार्तिक मास में गोपाष्टमी मनाने का विधान है, जिसकी पूर्ति आज की गई। सेवा समिति से जुड़े सदस्यों सहित ग्रामिणों ने यहा उपस्थिति दर्ज करायी। समिति के अध्यक्ष नरेश भोपाल पुरिया, अग्रवाल सभा के अध्यक्ष श्रीकांत बुधिया ने इस मौके पर अपनी बात रखी।