838 किलो गांजा और तस्करी में प्रयुक्त ट्रेलर समेत दो वाहन जब्त
जांजगीर-चांपा। ओडिशा से गांजा लेकर उत्तरप्रदेश जा रहे ट्रेलर को राजस्व खुफिया निदेशालय डीआरआई इंदौर और रायपुर की संयुक्त टीम ने चांपा में पकड़ा है। वाहन से टीम ने 838 किलो गांजा बरामद किया है। साथ ही एक स्कार्पियो वाहन भी जब्त की गई है। टीम मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। जब्त गांजा की कीमत करीब सवा चार लाख बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, इंडियन रेवेन्यू सर्विस इंदौर और रायपुर की टीम को मुखबीर से सूचना मिली थी कि ओडिसा से बड़ी मात्रा में गांजा तस्कर पंजाब राज्य के ट्रेलर वाहन में गांजा लेकर जा रहे हैं। सूचना पर रातों-रात डीआरआई की टीम अपने 15 सदस्यों के साथ चांपा पहुंची और प्रकाश इण्डस्ट्रीज लिमिटेढ के पास नाकाबंदी कर ट्रेलर क्रमांक पीबी 12 क्यू 7045 को पकड़ लिया। टीम ने जब ट्रेलर के चालक को रोककर पूछताछ की तो उसने कुछ भी बताने में असमर्थता जताई। ट्रेलर चालक ने सामने चल रही एक सफेद रंग की स्कार्पियो की तरफ इशारा किया। टीम ने स्कार्पियो वाहन क्रमांक यूपी 70 डीएन 2656 को रोक कर जब पूछताछ की तो उसमें बैठे लोग घबरा गए। टीम दोनों वाहनों को अपने कब्जे में लेकर चांपा थाने पहुंची। टीम ने ट्रेलर में से 838 किलोग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी कीमत चार लाख 18 हजार रूपए बताई जा रही है। टीम इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच कर रही है। सभी आरोपियों को टीम अपने साथ ले गई है।
गांजा छिपाने ट्राली में लगाया प्लेट
डीआरआई की टीम ने जब ट्रेलर की तलाशी ली तो पहले कुछ नहीं मिला। इसके बाद जब बारीकी से जांच की गई तो टीम दंग रह गई। ट्रेलर के ट्राली में अलग से प्लेट लगा हुआ था, जिसे निकालकर देखा गया तो उसमें गांजा के पैकेट रखे थे। ट्रेलर को पहली नजर में देखने पर बिल्कुल नहीं लग रहा था कि उसमें गांजा रखा होगा। तस्करों ने गांजा की तस्करी के लिए वाहन को अलग से असेम्बल कर बनाया था।
मीडिया को नहीं दी स्पष्ट जानकारी
गांजा तस्करों के खिलाफ डीआरआई द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी मीडिया को देने से जिले की पुलिस बचती रही। चांपा थाना प्रभारी राजेश चौधरी से जब फ ोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने आईआरएस की टीम की कार्रवाई बताते हुए किसी प्रकार की जानकारी देने से इंकार कर दिया। वही आईआरएस की टीम के अधिकारी भी मीडिया को किसी प्रकार से जानकारी देने से बचते हुए केवल जांच की बात कहते रहे।