
कोरबा। विधानसभा चुनाव के लिए कुछ महीने बाकी रह गए हैं। इस लिहाज से निर्वाचन आयोग ने नीतिगत कारणों से सभी विभागों में लंबे समय काबिज अफसरों को अन्यत्र भेजने के निर्देश दिए है। इस पर काम शुरू हो गए हैं। सिस्टम रिफार्म करने के लिए अगले कार्यों को किया जाना जारी है। कोरबा में कलेक्टर के बाद अब कुछ और अधिकारियों को दूसरी जगह भेज दिया गया है। इन्हें अविलंब कार्यमुक्त करने के आदेश दिए गए हैं।
जिले में नव पदस्थ कलेक्टर सौरभ कुमार का आगमन नहीं हुआ है। उन्हें संजीव झा की जगह पर पदस्थ किया गया है। सौरभ के आने तक कलेक्टर का प्रभार जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप संभालेंगे। एक नई सूची के जारी होने के साथ कटघोरा डीएफओ प्रेमलता यादव को गरियाबंद भेज दिया गया है। उनकी जगह पर कुमार निशांत की पदस्थापना की गई है। भारतीय वनसेवा के अधिकारी निशांत जल्द यहां कामकाज संभालेंगे।
लंबे समय से कटघोरा डिवीजन को महिला अधिकारी संभाल रही थी। इधर कोरबा में एसडीएम सीमा पात्रे को भी स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह संजय महिलांगे कोरबा में पदस्थ किये गए हैं। यहां से स्थानांतरित एसडीएम को जल्द ही रिलिव किया जाना है। इससे पहले ईडी की कार्रवाई से सुखिर्यो में आये नगर निगम आयुक्त प्रभाकर पांडेय को जिला पंचायत मुंगेली का सीईओ बनाकर भेज दिया गया है। वहीं प्रशासनिक कारणों से तहसीलदार पंचनाम सलामे, मुकेश देवांगन, आराधना सिंह का भी स्थानांतरण किया गया। जबकि पुलिस विभाग में कई उपनिरीक्षकों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित किया गया है। बताया जाता है कि शासकीय विभागों में सेवारत अधिकारियों के मामले में कई प्रकार के नियम बने हुए हैं। निश्चित समय पर उनके स्थाने स्थानांतरण का प्रावधान है। इसके पीछे अलग-अलग आधार कायम है। खास तौर पर चुनाव के दौरान ऐसे अधिकारियों को जिले से बाहर भेज दिया जाता है, जो लंबे समय से वहां काबिज रहे हों। इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि ऐसे अधिकारी मौके पर रहेंगे तो उनके कारण चुनाव पर असर पड़ सकता है।




























