तसल्ली के साथ की वारदात, स्नेफर डॉग आसपास में घूमा, सीसीटीव्ही फुटेज खंगाल रही पुलिस
कोरबा। यहां के कोसाबाड़ी क्षेत्र में रहने वाले व्यवसाई परिवार को मकान सूना छोड़ कर जाना काफी महंगा पड़ा। लगभग 36 घंटे तक यह परिवार पड़ोसी जिले जांजगीर चांपा मैं क्या रहा, चोरों ने मकान में शातिर तरीके से चोरी की तिजोरी सहित लगभग 30 लाख का सामान यहां पर पार कर दिया। पुलिस ने स्निफर डॉग के साथ यहां की शुरुआती जांच की। सीसीटीवी फुटेज में तीन चेहरे नजर आए हैं। इस आधार पर आगे की जांच पड़ताल की जा रही है।
कोरबा के औद्योगिक क्षेत्र में डीडी स्टील नाम से व्यवसाय करने वाले विकास अग्रवाल कोसाबाड़ी क्षेत्र में रहते हैं। उनके एक रिश्तेदार के यहां वैवाहिक समारोह नैला में आयोजित था। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विकास अग्रवाल और उनका परिवार 29 जून को जांजगीर-चांपा जिले के लिए रवाना हुआ था। उनकी 2 दिन बाद वापसी होनी थी। वैवाहिक कार्यक्रम में जाने के दौरान अग्रवाल परिवार के सदस्यों को इस बात का आभास भी नहीं था कि जब यहां लौटेंगे तो सब कुछ बदला बदला हुआ मिलेगा। कार्यक्रम संपन्न होने के बाद इस परिवार को मध्य रात्रि 2 बजे तक कोरबा पहुंचना था। लेकिन इन्हें आते-आते सुबह 6 बज गये। यह लोग यहां पहुंचे तो यहां का दृश्य देखकर अवाक रह गए। प्रवेशद्वार का ताला टूटा मिला। इससे वे अनिष्ठ कीआशंका से घिर चुके थे। भीतर पहुंचने पर अंदेशा सही साबित हुआ। वह कमरा अस्तव्यस्त स्थिति में मिला जहां तिजोरी रखी हुई थी और उस में बहुत कुछ सामान था यह तिजोरी यहां पर नदारद मिली। इसे देख परिजनों के होश उड़ गए। बताया गया कि इसमें 1 किलो चांदी 40 तोला सोना और 8 लाख नकद रकम रखी हुई थी। यह सब मिलाकर लगभग 30 लाख का सामान पार हो गया। विकास अग्रवाल ने इस बारे में अपने परिचितों और पुलिस को सूचना दी। कुछ देर बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। यहां का जायजा लेने पर पुलिस भी भौचक रह गई। यहां से सबूत के तौर पर आरोपियों ने एक कुल्हाड़ी को छोड़ी है, जिसे बरामद कर लिया गया है। पुलिस लाईन से स्नेफर डॉग और प्रशिक्षित पहुंचे। इस दौरान स्नेफर डॉग ने आसपास के इलाके के चक्कर लगाकर दिखा दिया कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने इस क्षेत्र में उपस्थिति दर्ज कराई होगी और इसके बाद कहीं और का रूख किया होगा। रामपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में हुई इस घटना को लेकर पुलिस ने 457, 380 आईपीसी के अंतर्गत अपराध दर्ज किया है।
आलमारी बची, वरना होता नुकसान
चोरों ने अग्रवाल के मकान के जिस कमरें को निशाना बनाया और तिजोरी को ही पार कर दिया, उसी के बगल में एक आलमारी भी रखी थी, जिसे हाथ नहीं लगाया। उसमें भी काफी राशि मौजूद थी। नजर में नहीं आने के कारण संभावित नुकसान से बचा जा सका है।
कई बिंदुओं पर होगी जांच
जिस तरह से यह घटना हुई उसने पुलिस के कान खड़े कर दिये और सोचने पर भी मजबूर कर दिया है। मौके से सीसीटीव्ही फुटेज लिये गये है और इस आधार पर नतीजे तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि मकान में घुसने और घटना को अंजाम देने के साथ तिजोरी को ले जाने का मतलब यही है कि आरोपियों को संबंधित सदस्यों के बाहर जाने के बारे में जानकारी रही होगी। इसके साथ उन्होंने पर्याप्त समय लेकर यह काम किया।