रायपुर/रांची। रांची के सीएम आवास से बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने विधायकों को 3 बसों में लेकर निकले हैं. उन्हें सुरक्षित रिसॉर्ट में ले जाया गया है. इसके साथ ही सभी विधायकों का फोन ऑफ कराया गया है. इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे विधायकों को छत्तीसगढ़ में शिफ्ट किया जाएगा. दरअसल जब विधायक मीटिंग में शामिल होने पहुंचे थे तो उनकी गाड़ियों में बैग और अन्य सामान भी दिखाई दिया था. इसीलिए संभावना जताई जा रही थी कि झारखंड के यूपीए विधायकों को प्रदेश से बाहर कहीं भी भेजा जा सकता है, इनमें सबसे ज्यादा अटकलें छत्तीगढ़ भेजने की लगाई जा रही हैं. छत्तीसगढ़ को लेकर इसलिए अटकलें लगाई जा रही हैं क्योंकि विधायकों को ऐसे प्रदेश में शिफ्ट किया जा सकता है, जहां यूपीए की मजबूत सरकार है. दरअसल हेमंत सोरेन की सीएम की कुर्सी जाने की संभावना की वजह से विधायकों को बचाने की ये पूरी तैयारी है. इन विधायकों को बड़ी ही कूटनीतिक तरीसे से निकाला गया है क्योंकि अगर किसी भी तरह की ऐसी स्थिति बनती है और बाद में उन्हें फ्लोर टेस्ट करना पड़े तो उससे पहले विधायकों को व्हिप जारी किया जाएगा. उसके बाद उन्हें रांची में वापस लाया जाएगा. इसलिए अभी नहीं कह सकते हैं कि विधायकों को कब तक रांची से बाहर रखा जाएगा. कांग्रेस ने भी राज्य में किसी भी तरह की होर्स ट्रेडिंग से बचने के लिए अपने तीन विधायकों को सस्पेंड कर दिया था. एक सितंबर तक उन सभी विधायकों को जवाब देने के लिए कहा गया था. अगर उन तीनों विधायकों ने फ्लोर टेस्ट में महागठबंधन के पक्ष में वोट नहीं दिया तो उनकी विधायकी चली जाएगी. इस बीच कांग्रेस की ओर से भी आज शाम करीब साढ़े आठ बजे अपने विधायकों की बैठक बुलाई है. झारखंड के विधायकों की रवानगी के बीच रायपुर के मेफेयर होटल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. होटल के कमरे खाली कनरे के लिए कहा गया है. बताया जा रहा है कि झारखंड के विधायक रविवार की सुबह तक होटल पहुंच सकते हैं. इसके साथ ही होटल में अब कोई नई रूम बुकिंग नहीं की जाएगी.