
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की सरकार : देवकुमार पाण्डेय जांजगीर चांपा। ग्राम डोंगाकोहरौद में धान खरीदी का शुभारंभ आज जिला कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष देवकुमार पाण्डेय व ब्रांच मैनेजर भूपेंद्र सिंह ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुआ । इस तरह आज 21 नवम्बर दिन मंगलवार को सहकारी समिति उपार्जन केंद्र डोंगाकोहरौद पंजीयन 1034 में धान की खरीदी विधिवतचालू हो गई है। धान खरीदी केंद्र(सोसायटी) में खरीदी हेतु बोहनी किया गया। खरीदी हेतु कृषक अपनी धान को लेकर सोसायटी ले जा रहे है। सोसायटी में धान की आवक के लिए आन लाइन टोकन आफ लाइन दोनों पद्घतियों से तौल होगी टोकन जो है वो एक दिन पहले से काटी जाएगी।धान की खरीदी हेतु आज सुबह सोसायटी में तराजू बाट की पूजा अर्चना किया गया। इस दौरान प्रमुख रूप से देवकुमार पाण्डेय जिलाध्यक्ष कांग्रेस सेवादल , मर्यादित सहकारी बैंक पामगढ़ ब्रांच मैनेजर भूपेंद्र सिंह ठाकुर सोसायटी अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद साहू , सरपंच प्रतिनिधि शिव प्रसाद गोंड़,, उप सरपंच मनीष बंजारे,सोसायटी फण प्रभारी जीवन , कंप्यूटर आफ्रेटर अनिल निराला विकास सिहं , अमृतलाल कश्यप, गोपी नाथ कौशिक रामलाल धीवर, राजाराम पटेल , सीताराम पटेल, छतराम पटेल ,कृष्णकुमार पटेल,गणेश राम धीवर, शिवप्रसाद धीवर बलराम धीवर, शिवचरण कोटवार रामकिर्तन साहू, तुमनाथ साहू कृष्ण कुमार साहू,बद्री बंजारे , देवनारायण,, सोनाऊ कश्यप पांडव लाल कश्यप आदि शामिल थे। खरीदी के लिए आज जिनके टोकन कटे है उनमें श्यामाबाई / बरातु धीवर, उमाशंकर / बिंदाराम जायसवाल योगेंद्र / बद्री नाथ पटेल, बद्री नाथ / लूरुराम आज अपना धान लेकर खरीदी केंद्र में थे धान पहुँचे थे । सभा को संबोधित करते हुए देवकुमार पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ सरकार किसानों की सरकार है और किसानों को धान की उचित मूल्य देने के लिए कटिबद्ध है ।सहकारी बैंक पामगढ़ ब्रांच मैनेजर ने जानकारी देते हुए कहा कि धान बेचने हेतु टोकन के साथ सोसायटी ला सकते है इस बार धान का मूल्य 2183रु प्रति कुंटल निर्धारित हुआ है। इस साल धान खरीदी के दौरान डिलीवरी आर्डर के बाद अब रोज तय होगा कि किसानों से कितना धान खरीदना है। यानी रोज खरीदी की लिमिट तय की जाएमगी। लिमिट के मृताबिक ही सोसायटियां धान खरीदी करेंगी। यंह व्यवस्था पहली बार की गई है। समर्थन मूल्य पर चल रही धान की खरीदी को लेकर राज्य शासन द्वारा इस बार नया प्रयोग किया गया है। इस नए प्रयोग, में प्रदेशभर के हर एक सोसायटी में रोजाना किते- कितने किसानों से कितना क्विंटल धान की खरीदी होगी, यह सब राज्य से तय होगा। इस सिस्टम के बाद सोसायटी प्रबंधक चाहकर भी खरीदी के आंकडे को इधर से उधर नही कर पाएंगे । पहले दिन सोसायटी प्रबंधक हर साल की तरह टोकन जारी किए थे। लेकिन जब खरीदी के दिन आनलाइन जानकारी देखी तो वे भी सक्ते में आ ठाए। उल्लेखनीय हैं कि, राज्य शासन द्वारा इससे पहले कटम मिलिंग के तहत डीओ (डिलीवरी आरईडर) जारी किए जाने का पावर जिले के डीएमओ से ले लिया था। जिसकेि बाद पिछले तीन साल से डीओ राज्य से जारी हो रहा था। लेकिन अब धान की खरीदी का पावर भी राज्य ने ले लिया है। इससे होगा ये कि, प्रबंधक भले ही सोसायटी में कम किसान हो, वे खरीदी तय मोहलत से पहले नही कर सकेगे। अब नहीं आएगा खरीदी में अंतर सोसायटी प्रबंधको ने बताया कि, पहले सोसायटी स्तर पर किसानों की संख्या और रकबे के अनुसार खरीदी तय करते थे। प्रबंधक अवकाश को छोड़कर खरीदी की तिथि के हिसाब से औसत खरीदी अब नहीं आएगा खरीदी में अंतर । सोसायटी प्रबंधको ने बताया कि, पहले सोसायटी स्तर पर किसानों की संख्या और रकबे के अनुसार खरीदी तय करते थे। प्रबंधक अवकाश को छोड़कर खरीदी की तिथि के हिसाब से औसत खरीदी के आंकड़े के अनुसार टोकन जारी करते थे। लेकिन अब सिस्टम में फीड किए गए रकबे के तहत पूरे खरीदी दिन के अनुसार टोकन जारी किया जाएगा इसमें अंतर की भी कोई गुंजाइश नहीं होगी। बायोमीट्रिक प्रणाली से नहीं हुई खरीदी राज्य सरकार ने हस साल पहली बार प्रदेश मर की सभी सोसायटियों में धान खरीदी बायोमीट्रिक प्रणाली से करने की तैयारी की थी। लेकिन सोसायटियों को बायोमीट्रिक मशीनें नहीं मिल पाई। वजह ये रही कि चुनाव आचार संहित लागू होने के कारण खाद्य विभाग बायोमीट्रिक मशीनें खरीदने के लिए समय पर टेंडर नहीं कर पाया। इसलिए अब तक मशीनें नहीं मिली है। इस स्थिति को देखते हुए सोसायटियों ने पिछले व्षों के तरह टोकन जारी कर खरीदी की। नए प्रयोग से नुकसान नहीं होगा हर साल यह समस्या रहती थी कि सोसायटी अपने स्तर पर महीने भर पहले खरीदी कर लेते थे। जिसरसे जाम के हालात और नुकसान का सामना करना पडता था। इस नए प्रयोग से ऐसा नही होगा। सभी किसानों को शुभकामनाए दी

























