
कोलकाता। बंगाल के दीघा में अगले वर्ष से जगन्नाथ पुरी की तरह विशाल रथयात्रा निकलेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को रथयात्रा के दिन इसकी घोषणा की। बंगाल सरकार की ओर से जगन्नाथ पुरी की तर्ज पर दीघा में विशाल मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य अंतिम चरण में है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष इसे आम लोगों के दर्शन-पूजन के लिए खोल दिया जाएगा और अगले साल वहां धूमधाम से रथयात्रा भी निकाली जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंदिर के निर्माण में लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसे हूबहू पुरी के जगन्नाथ मंदिर जैसा तैयार किया गया है।मुख्य मंदिर की ऊंचाई 213 फुट है। पुरी के जगन्नाथ मंदिर के शिखर की ऊंचाई 215 फुट है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2018 में मंदिर निर्माण की घोषणा की थी। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट अगस्त, 2019 में पूरी हुई थी और मई, 2022 से मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण ने मंदिर के निर्माण के लिए 20 एकड़ भूमि दी है।निर्माण का जिम्मा वेस्ट बंगाल हाउसिंग इफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को दिया गया था। पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तरह इसके निर्माण में भी कलिंग वास्तुकला का प्रयोग किया गया है। निर्माण के लिए राजस्थान से सैंडस्टोन मंगवाए गए। अंतर इतना ही है कि पुरी के मंदिर में जहां प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की मूर्तियां लकड़ी की हैं, वहीं यहां पत्थर की होंगी।पुरी बंगाल के लोगों के सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक हैं। दीघा बंगाल का मशहूर समुद्री पर्यटन शहर है। मुख्यमंत्री दीघा को पुरी की तरह विकसित करना चाहती हैं। इसे ममता बनर्जी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। उन्होंने पिछले साल अप्रैल में निर्माण स्थल पर जाकर कार्य की प्रगति का जायजा लिया था।



























