
जांजगीर। जिला मुख्यालय सहित चांपा, बाराद्वार और सक्ती में शहरवासियों सहित बाहर से आने वालों को पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की शासन की योजना कबाड़ हो गई। नियमित मेंटनेंस की ओर ध्यान नहीं दिया गया। साल 2017-18 में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अविभाजित जांजगीर चांपा जिले चुनिंदा जगहों पर आरओ वाटर की मशीनें लगाने का ठेका किया।
करीब साल भर तक ये मशीनें ठीक ठाक चलती रहीं लेकिन कोरोना काल में एक बार जो मशीनें बंद हुईं तो फिर दोबारा इन्हें चालू करने के हरेक प्रयास फेल हो गए। जिला मुख्यालय में लगाए गए आरओ वाटर की मशीनें बंद हो चुकी हैं। वर्तमान में तेज गर्मी पड़ रही है अधिकतम तापमान 43 डिग्री के आस पास पहुंच रहा है। सुबह 11 बजे से लेकर देर शाम तक तेज गर्मी पड़ रही है। इसके बावजूद बंद पड़े वाटर एटीएम मशीन को शुरू करने ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
साल 2017 में राइट वाटर सॉल्यूशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 21 लाख की लागत से शहर के प्रमुख स्थानों पर आरओ वाटर की मशीनें लगाई गई। इनमें एक रुपए का सिक्का डालने पर शुद्ध पेयजल की सप्लाई होती पर ऐसा नहीं हो रहा है। मशीन शुरू होने के साल भर तक तक ही पानी निकल पाया। मशीन का मेंटेनेंस और संचालन बेपटरी है। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण में एक बूंद पानी नहीं मिल पाया है। हाल यह है कि मशीन बार-बार बंद होने के वजह से लोग अब उसे देखने तक नहीं जाते।
बस स्टैंड के पास वाटर एटीएम पूरी तरह बंद जांजगीर। कचहरी चौक के पास मशीन बंद कचहरी चौक में सी मार्ट परिसर के पास वाटर एटीएम है। मशीन के ऊपर काले अक्षरों से मशीन चलाने के निर्देश लिखा है कि टेप 2 दबाएं और सिक्का डालें। सिक्के भी डाले लेकिन मशीन से पानी नहीं मिला। बस स्टैंड के पास एक और मशीन बेकार पड़ी हुई है। नवागढ़, पामगढ़, शिवरीनारायण की ओर जाने यात्रियों को आसानी से शुद्ध पानी कम कीमत पर मिल सके, इसलिए यहां पर एटीएम लगाई गई थी। यहां भी अव्यवस्था दिखाई दी। आसपास की दुकान संचालकों ने बताया कि मशीन कब से बंद पड़ा हुआ है। यहां पांच रुपए वाला दाल भात केन्द्र संचालित होता है यहां आने वाले लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। लोग वहां के हेंड पंप पानी भरा करते हैं।
नगर में तीन स्थानों में वाटर एटीएम हैं। पहला कचहरी के पास, दूसरा अस्पताल के पास व तीसरा गौरव पथ के पास है। तीनों वाटर एटीएम बंद पड़े हुए है। नगर में जब वाटर एटीएम चालू था जो नागरिक मशीन में एक रुपए से पानी मिल जाता था। लेकिन इस गर्मी में बाहर से आने वाले लोगों को इस भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ा है। हालांकि नगर के नगर में कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा पीने की पानी की व्यवस्था प्याऊ मिट्टी के घड़े रखे हैं जिससे पीने की पानी की व्यवस्था की गई है। लेकिन लोगों को शहर में आरो वाटर नहीं मिल रहा है।
















